
अजमेर.
महर्षि दयांनद सरस्वती विश्वविद्यालय पर मंडराया संकट फिर टल गया है। राजभवन ने टेंडर और आवश्यक कार्यों की स्वीकृति के लिए डीन कमेटी को अधिकृत किया है। इससे विश्वविद्यालय में रुके हुए कामकाज शुरू हो सकेंगे। उधर बिना कुलपति के विश्वविद्यालय के हालात दिनों-दिन बिगड़ रहे हैं।
विश्वविद्यालय में बीते वर्ष 11 अक्टूबर से कुलपति के कामकाज पर रोक लगने से कई अहम काम गड़बड़ा चुके हैं। कुलपति के समान यहां किसी अधिकारी के पास वित्तीय शक्तियां नहीं है। इसके चलते कई निविदाएं अटकी हुई हैं। सालाना सफाई का ठेका बीते अप्रेल में ही खत्म हो चुका है। फिलहाल अस्थाई तौर पर प्रशासन ने सफाईकर्मियों की व्यवस्था की है।
इसी तरह कैंटीन का अधिकृत ठेका भी खत्म हुए चार महीने बीत गए हैं। विश्वविद्यालय अस्थाई तौर पर प्रतिमाह इसका विस्तार कर रहा है। इसके अलावा आवश्यक सामान की खरीद-फरोख्त की निविदाएं भी शामिल हैं। विश्वविद्यालय ने पिछले दिनों राजभवन को निविदाएं निकालने की मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजा था।
डीन कमेटी को किया अधिकृत
कार्यवाहक कुलसचिव भागीरथ सोनी ने बताया कि राजभवन ने विभिन्न टेंडर जारी करने के लिए डीन कमेटी को अधिकृत किया है। इनमें कैंटीन, सफाई ठेका और अन्य कार्य शामिल हैं। रूसा के बजट और आवश्यक उपकरण-सामान की खरीद-फरोख्त के लिए भी राजभवन को पत्र भेजा गया है। मालूम हो कि डीन कमेटी में अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. शिवदयाल सिंह, पर्यावरण विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. प्रवीण माथुर, कुलसचिव और वित्त नियंत्रक शामिल हैं।
जून में फिर पारित करना होगा लेखानुदान
प्रत्येक वित्तीय वर्ष के लिए विश्वविद्यालय लेखानुदान पारित करता है। लेखानुदान में संभावित परीक्षात्मक आय, वेतन-भत्ते, विभिन्न मद में खर्चे शामिल होते हैं। इसके लिए कुलपति ही अधिकृत होते हैं। कुलपति प्रो. आर. पी. सिंह के कामकाज पर बीते वर्ष 11 अक्टूबर से राजस्थान हाईकोर्ट ने रोक लगाई है। इसके चलते सत्र 2019-20 के लिए लेखानुदान पारित नहीं हो पाया है। मार्च में राजभवन ने डीन कमेटी को तीन महीने का अंतरिम लेखानुदान पारित करने की स्वीकृति दी। यह अवधि जून में खत्म होगी। जून अंत में कमेटी को फिर आगामी तीन माह के लिए बजट पारित करना जरूरी होगा।