रोजगारोन्मुखी लघु पाठ्यक्रम की शुरुआत हो सकती है। इन पाठ्यक्रमों पर एकेडेमिक कौंसिल में विचार-विमर्श होगा। इसके बाद कोर्स प्रारंभ होंगे।
अजमेर. महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय (mdsu ajmer) में रोजगारोन्मुखी लघु पाठ्यक्रम की शुरुआत हो सकती है। इन पाठ्यक्रमों पर एकेडेमिक कौंसिल (academic council) में विचार-विमर्श होगा। इसके बाद कोर्स प्रारंभ होंगे।
विश्वविद्यालय में मौजूदा वक्त कॉमर्स (commerce) , अर्थशास्त्र, जूलॉजी (zoology), बॉटनी, मैनेजमेंट स्टडीज (management studied) , जनसंख्या अध्ययन, पर्यावरण अध्ययन, पत्रकारिता, (jounalism) लॉ (law), हिंदी, खाद्य एवं पोषण, रिमोट सेंसिंग (remote sensing), पुस्तकालय विज्ञान, कंप्यूटर विज्ञान (computer) सहित अन्य पाठ्यक्रम (courses) संचालित हैं। इनके अलावा उद्यमिता एवं कौशल विकास केंद्र में प्रबंधन कोर्स, सर्टिफिकेट इन बर्डिंग, और कुछेक शॉर्ट टर्म कोर्स भी हैं। लेकिन अन्य संस्थानों की अपेक्षाकृत यहां कौशल विकास एवं रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों की कमी है।
कुलपति चाहते है नए कोर्स की शुरुआत
कुलपति प्रो. आर. पी. सिंह (prof r.p.singh) लघु स्तरीय, रोजगारोन्मुखी (job oriented) एवं कौशल विकास पाठ्यक्रम (skill courses) प्रारंभ करना चाहते हैं। ताकि परिसर में विद्यार्थियों की संख्या बढऩे के साथ-साथ उन्हें त्वरित रोजगार (jobs) मिले।
उन्होंने रक्षा रणनीति (डिफेंस स्ट्रटेजी कोर्स), (deffence strategy), भूगोल (geography), रिमोट सेंसिंग (remote sensing) और अन्य विभागों का संयुक्त रीजनल इम्पॉरटेंस पाठ्यक्रम (regional importance) , बीपीएड (b.ped)-एमपीएड (m.ped) पाठ्यक्रम की योजना बनाई है। साथ ही छह माह से एक साल की अवधि वाले कौशल विकास कोर्स भी प्रारंभ करने पर चर्चा हुई है।
इन पाठ्यक्रमों खास नजर
रूरल और अरबन सर्वे, ग्राफिक डिजाइन, इवेंट मैनेजमेंट, हेल्थ केयर, फूड प्रिजर्वेशन, इंग्लिशन स्पोकन सर्टिफिकेट कोर्स, ह्मयून रिसोर्स और रिटेल मैनेजमेंट, सर्टिफिकेट इन एकाउन्टेंसी एन्ड टेक्सेशन और अन्य
फैक्ट फाइल
विश्वविद्यालय की स्थापना-1987
सम्बद्ध कॉलेज-275
पंजीकृत विद्यार्थी-3.50लाख
कैंपस में अध्ययनरत विद्यार्थी-800
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