हाल में विश्वविद्यालय ने जिला प्रशासन को इसके लिए पत्र भी भेजा था।
अजमेर. महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय (mdsu ajmer) ने प्रवेश द्वार के समक्ष स्थित थडिय़ों (tea stall) को हटाने का काम शुरू हो गया है। रविवार को संचालकों ने स्वयं जेसीबी बुलाकर थडिय़ां हटाई।
विश्वविद्यालय के प्रवेश द्वार के समक्ष पिछले 20-25 साल से चाय-कॉफी की थडिय़ां बनी हुई हैं। यहां विश्वविद्यालय के कर्मचारी-विद्यार्थी चाय-कॉफी (tea and coffee) पीते हैं। इसके अलावा टेम्पो-सिटी बस का जमघट रहता है। थडिय़ों के बीच विश्वविद्यालय के स्टाफ क्वार्टर (staff quarter), परीक्षा नियंत्रक (exam controller)-कुलसचिव आवास (registrar) और सत्यार्थ सभागार बनाया गया है। सभागार के प्रवेश द्वार (main gate) के लिए थडिय़ां हटानी जरूरी हैं। हाल में विश्वविद्यालय ने जिला प्रशासन को इसके लिए पत्र भी भेजा था।
स्वयं जुटे थडिय़ां हटाने में
रविवार को संचालक स्वयं थडिय़ां हटाने में जुटे। जेसीबी मशीन (JCB) की सहायता से केबिन और छप्पर हटाए। कुछ केबिन संचालक एकाध दिन में यह कामकाज करेंगे। मालूम हो कि बीते साल तत्कालीन कुलपति प्रो. विजय श्रीमाली (vijay shrimali) ने जिला प्रशासन और एडीए को चाय-कॉफी की थडिय़ां हटाने के लिए पत्र भेजा था।
वरिष्ठ अध्यापक की द्वितीय चरण काउंसलिंग 25 से
राजस्थान लोक सेवा आयोग (rpsc ajmer) के तत्वावधान में वरिष्ठ अध्यापक (माध्यमिक शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा- 2018 (टीएसपी/नॉन-टीएसपी) की द्वितीय चरण की काउसंलिंग सोमवार से प्रारंभ होगी। इस दौरान अभ्यर्थियों की पात्रता जांच की जाएगी।
सचिव रेणु जयपाल ने बताया कि द्वितीय चरण की काउंसलिंग सोमवार से प्रारंभ होकर 3 दिसंबर तक चलेगी। अभ्यर्थियों को भरे हुए विस्तृत आवेदन पत्र की दो प्रतियां और स्वप्रमाणित दस्तावेजों (documents) की एक प्रति के साथ निर्धारित काउंसलिंग के दौरान उपस्थित होनैा हेागा। निर्धारित तिथि एवं समय पर विस्तृत आवेदन-पत्र और दस्तावेज जमा नहीं कराने वाले अभ्यर्थी को काउन्सलिंग से वंचित किया जाएगा। इसके लिए कोई अवसर देय नहीं होगा।