अजमेर

MDSU: कुलपति का मास्ट स्ट्रोक, समारोह में नियुक्त कर दिया खेल सचिव

पूनिया ने देर शाम पदभार भी संभाल लिय। हालांकि एक्ट और प्रबंध मंडल की मंजूरी के बाद ही यह नियुक्ति अधिकृत हो सकेगी।
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Updated: 27 Sep 2019, 9:10 AM IST
mdsu ajmer
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अजमेर.

महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय (mdsu ajmer) के कुलपति प्रो. आर. पी. सिंह ने चौंकाने वाला कदम उठाया। उन्होंने सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय (spc-gca) की व्याख्याता (lecturer) डॉ. रेणू पूनिया को स्पोट्र्स बोर्ड सचिव बनाने का फैसला कर लिया। पूनिया ने देर शाम पदभार भी संभाल लिय। हालांकि एक्ट (university act) और प्रबंध मंडल (BOM) की मंजूरी के बाद ही यह नियुक्ति अधिकृत हो सकेगी।

विश्वविद्याल में स्पोट्र्स बोर्ड सचिव अमूमन यहीं के अधिकारी अथवा भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) से सम्बद्ध व्यक्ति बनते रहे हैं। स्पोट्र्स बोर्ड (university sports board) का मुख्य कार्य इंटर कॉलेज, इंटर यूनिवर्सिटी, विभिन्न जोनल खेलकूद के आयोजन और टीम भेजने की है। जबकि बोर्ड कैंपस (campus) में विभागवार स्पोट्र्स प्रतियोगिताएं (sports activity) नहीं कराता है। बोर्ड पर टीम भेजने में विलंब, मनमाने कोच नियुक्ति और अव्यवस्थाओं को लेकर पिछले 32 साल में सवाल उठते रहे हैं।

कुलपति का अप्रत्याशित फैसला
कुलपति प्रो. आर. पी. सिंह एसपीसी-जीसीए कॉलेज में 33 वीं महिला इंटर कॉलेज प्रतियोगिता (inter college) के मुख्य अतिथि थे। वे कॉलेज में प्रतियोगिता के आयोजन और व्यवस्थाओं से काफी प्रभावित हुए। उन्होंने आयोजन सचिव (organizing seceratary) डॉ. रेणू पूनिया की सेवाएं तत्काल विश्वविद्यालय के स्पोट्र्स बोर्ड सचिव के बतौर लेने का फैसला किया। नियमानुसार डॉ. पूनिया के लिए उच्च शिक्षा सचिव और कॉलेज शिक्षा आयुक्त (college education commissioner) को पत्र भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी सहित विश्वविद्यालय के एक्ट और प्रबंध मंडल से इसकी सहमति मिलने के बाद वे विश्वविद्यालय में नियमित सेवाएं देंगी।

मची विश्वविद्यालय में खलबली
कुलपति के फैसले से विश्वविद्यालय के अधिकारियों-कार्मिकों और खेलकूद (sports) जुड़े प्रशिक्षकों में खलबली मच गई। कुछ ने स्पोट्र्स बोर्ड सचिव को नियमित पद (regular post) और वित्तीय प्रभार (financial liability)होने का तर्क दे डाला। वहीं कुछ एक्ट की दुहाई देते दिखे। हालांकि कुलपति का फैसला होने से सब सीधी टिप्पणी से बचते रहे।

Updated on:
27 Sep 2019, 9:10 AM IST
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