rajasthan hindi newsअजमेर डिस्कॉम का लॉस रिडक्शन प्रोग्राम : खुले तारों को किया केबल में परिवर्तित, लोहरपुरा आदर्श फीडर पर पायलट प्रोजेक्ट सफल
अजमेर. बिजली करने वाले उपभोक्ताओं की अब खैर नहीं। बिजली चोरी(power theft) रोक नेके लिए छापेमारी करने, कृषि व घरेलू बिजली की लाइनें अलग-अलग करने के साथ अब अजमेर डिस्कॉम (ajmer discom) लॉस रिडक्शन प्रोग्राम के तहत उपभोक्ताओं के मीटर अब बिजली के खंभों लगवाएगा(Meters placed on poles )। इससे मीटर से छेड़छाड़ तथा सर्विस लाइन में कट लगाकर बिजली चोरी करने वाले तुरंत पकड़ में आ जाएंगे। खुले तारों को केबल में परिवर्तित किया जा रहा है। डिस्कॉम का नागौर के बादली जीएसएस (33/11केवी) के 11 केवी लोहारपुरा फीडर पर इस योजना का पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा है।
28 हजार यूनिट की होने लगी बचत
निगम ने लोहारपुरा फीडर पर 4 हजार 415 उपभोक्ताओं के लिए यह व्यवस्था लागू की है। यहां बिजली के खंभों पर हरे रंग के बॉक्स लगाए गए हैं जिसमें 6 उपभोक्ताओं के मीटर एक साथ लगाए जाएंगे। बॉक्स को सील बंद किया गया है। कई उपभोक्ताआें के मीटर खंभे पर एंगल लगा कर भी लगाए गए है। इससे प्रतिमाह 28 हजार यूनिट बिजली की बचत हो रही है। इससे निगम को प्रतिमाह करीब डेढ़ लाख रुपए का फायदा भी हो रहा है। बादली फीडर सफलता के बाद अब परबतसर सब डिवीजन के भवासिया फीडर पर भी यह योजना लागू की जा रही है। इस फीडर से जुड़े भवासिया, नानिया, ***** गांव में उपभोक्ताओं के मीटर खंभे पर लगाए जाएंगे।
अब दर्ज होगी सही रीडिंग
मीटर रीडर उपभोक्ता के घर पर नहीं होने, ताला बंद होने का बहाना बना कर औसत रीडिंग दर्ज कर लेते हैं। लेकिन खंभों पर मीटर लगने के बाद अब इस प्रवृत्ति पर लगाम लगेगी तथा सही रीडिंग दर्ज होगी। इससे औसत बिल आदि की समस्या भी समाप्त होगी।