मेवाड़ यूनिवर्सिटी फर्जी डिग्री रैकेट मामले में एसओजी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी वीरेंद्र सिंह को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया है। छह महीने से मोबाइल स्विच ऑफ कर फरार चल रहे आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 14 मई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
अजमेर: चित्तौड़गढ़ जिले की मेवाड़ यूनिवर्सिटी के नाम से फर्जी डिग्री और अंकतालिकाएं तैयार करने के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप को एक और सफलता मिली है। एसओजी ने मामले के मुख्य आरोपी वीरेंद्र सिंह को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से गिरफ्तार किया है। उसे सोमवार को न्यायालय में पेश किया।
अदालत ने आरोपी से पड़ताल के लिए 14 मई तक पुलिस रिमांड पर सौंपा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एसओजी) श्याम सुंदर बिश्नोई ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी के नाम से फर्जी डिग्री और अंक तालिकाएं बनाने के मामले में कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी वीरेंद्र सिंह को उत्तर प्रदेश गाजियाबाद से गिरफ्तार किया है।
एसओजी को आरोपी वीरेंद्र सिंह की पिछले 6 माह से तलाश थी। वह गिरफ्तारी से बचने के लिए अपना मोबाइल फोन स्विच ऑफ करके फरारी काट रहा था। एसओजी की टीम लंबे समय से उसकी लोकेशन और गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी।
तकनीकी सूचना के आधार पर 10 मई को आखिर टीम ने उसको दबोच लिया। एसओजी अधिकारियों को आरोपी से पूछताछ में फर्जी डिग्री रैकेट से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।
जांच एजेंसी अब यह खंगाल रही है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने में किन तकनीकी संसाधनों और लोगों की मदद ली गई। अब तक कितने अभ्यर्थियों को नकली प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए गए।
पड़ताल में सामने आया कि आरोपी मेवाड़ यूनिवर्सिटी, गंगरार (चित्तौड़गढ़) के नाम से फर्जी डिग्री व अंकतालिकाएं तैयार करने के नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह का नेटवर्क राजस्थान के अलावा दिल्ली एनसीआर सहित अन्य राज्यों तक फैला हुआ है। एसओजी अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी दस्तावेज किन-किन लोगों को उपलब्ध कराए गए और इस रैकेट में कितने लोग शामिल हैं।
एएसपी विश्नोई ने आरोपी वीरेंद्र को सोमवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संख्या-एक डॉ. रेणु श्रीवास्तव की कोर्ट में पेश किया। एसओजी की ओर से पैरवी कर रहे विशिष्ट लोक अभियोजक शशि प्रकाश इंदौरिया ने न्यायालय को बताया कि आरोपी से यूपी गाजियाबाद, दिल्ली व अन्य स्थान पर अनुसंधान एवं पूछताछ की जानी है।
उन्होंने आरोपी को पुलिस रिमांड पर सौंपने की मांग की, जिसे न्यायालय ने स्वीकार करते हुए वीरेंद्र सिंह को 14 मई तक एसओजी को रिमांड पर सौंप दिया।
आरपीएससी की स्कूल लेक्चरर भर्ती परीक्षा-2022 में सांचौर की दो महिला अभ्यर्थी ब्रह्मा कुमारी व कमला कुमारी की डिग्री फर्जी निकली थी, जिस पर आयोग ने सिविल लाइंस थाने में दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज करवाए।
जांच में एसओजी ब्रह्मा कुमारी, कमला कुमारी समेत सरकारी शिक्षक दलपत सिंह, डॉ. सुरेश बिश्नोई, पूर्व डीन ध्वज कीर्ति शर्मा सहित अब तक करीब एक दर्जन को प्रकरण में गिरफ्तार कर चुकी है।