
अजमेर। राजस्थान के अजमेर जिले में मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर एक किशोरी ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। परिजनों के आरोप के बाद भी पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया तो विरोध प्रदर्शन करना पड़ा। मदनगंज-किशनगढ़ क्षेत्र के गांधीनगर थाने के बाहर करीब पांच घंटे तक चले धरना-प्रदर्शन के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर पुलिस ने शव परिजन को सौंप दिया।
जानकारी के अनुसार रविवार सुबह करीब साढ़े 8 बजे परिजन अजमेर जिले के गांधीनगर थाने पहुंचे और प्रकरण में दो युवकों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। परिजन का आरोप रहा कि दोनों युवक सोशल मीडिया के माध्यम से किशोरी को लगातार परेशान कर रहे थे और उसे धमकियां दे रहे थे। इसी मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर किशोरी ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी।
धरने के दौरान गांधीनगर थाना पुलिस ने कई बार परिजन से समझाइश का प्रयास किया, लेकिन वे पहले एफआईआर दर्ज करने की मांग पर अड़े रहे। बाद में मौके पर पहुंचे सहायक पुलिस अधीक्षक अजेयसिंह राठौड़ ने भी परिजन से बातचीत कर निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
करीब पांच घंटे तक चले धरने के बाद दोपहर लगभग 1.30 बजे पुलिस ने किशोरी के पिता की रिपोर्ट पर नाबालिग को आत्महत्या के लिए उकसाने सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। इसके बाद परिजन ने धरना समाप्त किया और पोस्टमार्टम के लिए सहमति दी। पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजन को सौंप दिया और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। धरना-प्रदर्शन के दौरान कई बार परिजन और पुलिस के बीच तीखी नोक-झोंक की स्थिति भी बनी। हालांकि पुलिस अधिकारियों की समझाइश और आपसी संवाद से माहौल शांत रहा। पुलिस ने परिजन को निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया।
गौरतलब है कि शनिवार शाम रूपनगढ़ रोड आरओबी और पुराने रेलवे स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक पर अजमेर-जबलपुर एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से 17 वर्षीय किशोरी की मौत हो गई थी। सूचना पर गांधीनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को राजकीय यज्ञनारायण जिला चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया था।