अजमेर

Rajasthan: नाबालिग लड़की को 3 लाख में बेचकर 45 वर्षीय अधेड़ से कराई शादी, पीड़िता बोली- ‘पुलिस लेकर आओ’

राजस्थान के अजमेर जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिले की रहने वाली एक नाबालिग लड़की का कुछ लोगों ने चूरू जिले में एक 45 वर्षीय अधेड़ से शादी करा दी। मां की शिकायत पर पुलिस ने 7 महीने बाद आरोपी को हिरासत में लिया है। वहीं नाबालिग को दस्तयाब कर लिया है।
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Updated: 16 Jun 2026, 9:36 PM IST
Ajmer girl Marriage
Ajmer: पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया (फोटो-पत्रिका नेटवर्क)

अजमेर। जिले के एक थाना क्षेत्र से 7 माह पहले लापता हुई नाबालिग किशोरी को कथित तौर पर मानव तस्करों ने चूरू जिले के सरदारशहर में 3 लाख रुपए में बेच दिया। इतना ही नहीं उसकी शादी 45 वर्षीय अधेड़ से करवा दी। पीड़िता की मां की रिपोर्ट पर दरगाह थाना पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्जकर सरदारशहर से नाबालिग को दस्तयाब कर आरोपी को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने मानव तस्करी के संगठित गिरोह की भूमिका की आशंका के चलते जांच तेज कर दी है।

जानकारी अनुसार जिले के एक थानाा क्षेत्र निवासी महिला ने 13 जून को शिकायत दर्ज कराई। इसमें बताया कि उसकी नाबालिग बेटी का एक पश्चिम बंगाल की महिला के घर आना-जाना था। करीब 7 महीने पहले महिला उसकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गई। उसने उसकी नाबालिग बेटी को ताराशाह नगर निवासी दो महिलाओं के हवाले कर दिया। जहां से वह एक ऑटो रिक्शा चालक की मदद से किशोरी को जबरन कार में बैठाकर चूरू जिले के सरदारशहर पहुंचा दिया।

रास्ते में मारपीट, सरदारशहर में शादी

मां के अनुसार आरोपियों ने उसकी बेटी को ले जाते समय कार में मारपीट की। सरदारशहर पहुंचने पर आरोपियों ने उसकी शादी 45 वर्षीय अधेड़ से से करवा दी। इसके बदले में तीन लाख रुपए की राशि ली गई।

मोबाइल कॉल से खुला राज

मामले में नया मोड़ तब आया जब नाबालिग की मां ने पड़ोस में रहने वाली एक अन्य किशोरी से उसकी बेटी के संबंध में पड़ताल की। पूछताछ में किशोरी ने अगवा करने में शामिल पश्चिम बंगाल की महिला का नाम उजागर किया। पीड़िता की मां ने जब उक्त महिला से पूछताछ की तो उसने पहले तो उसको गुमराह किया लेकिन जब किशोरी से आमना-सामना करवाया तो सच उगलते हुए बेटी से बात करने के लिए सरदारशहर के किसी व्यक्ति का मोबाइल नंबर दिया। उक्त नंबर पर संपर्क होने पर मां की अपनी बेटी से बातचीत हुई। पीड़िता ने उसको कमरे में बंधक बनाकर रखने व प्रताड़ित करने की बात कही। उसने मां को पुलिस के साथ आने को कहा।

शिकायत की कोशिश, लेकिन नहीं बनी बात

पीड़िता की मां के अनुसार, बेटी के लापता होने के बाद उसने सात माह पहले भी शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया था। हालांकि, बेटी के आधार कार्ड अथवा उम्र संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने और सामाजिक संकोच के कारण मामला आगे नहीं बढ़ पाया।

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पुलिस ने टरकाया, फिर रिपोर्ट दर्ज

पीड़िता का आरोप है कि जब वह प्रारंभिक स्तर पर दरगाह थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाने गई तो पुलिस ने अपेक्षित कार्रवाई नहीं की। बाद में अन्दर कोट क्षेत्र में रहने वाली एक समाजसेविका की मदद से पुनः दरगाह थाने पहुंची, जहां 13 जून को शिकायत दर्जकर जांच शुरू की। पुलिस ने चूरू के सरदारशहर से किशोरी को दस्तयाब कर उससे विवाह करने वाले 45 वर्षीय युवक को भी हिरासत में लिया। पुलिस ने पीड़िता को सुरक्षा व संरक्षण के मद्देनजर नारीशाला भेजा गया है।

एसपी के निर्देश पर मुकदमा, जांच तेज

मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्यवाहक पुलिस अधीक्षक उषा यादव और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) हिमांशु जांगिड़ ने वृत्ताधिकारी (दरगाह) लक्षमणराम चौधरी और दरगाह थाना प्रभारी दिनेश जीवनानी को सख्ती से कार्रवाई के निर्देश दिए। मंगलवार देर शाम महिला अधिकारी ने चूरू से दस्तयाब नाबालिग के बयान दर्ज किए। इसके बाद पीड़िता का मेडिकल कराया। मेडिकल के बाद पुलिस ने प्रकरण में पॉक्सो एक्ट, नाबालिग का देहशोषण, प्रताड़ित करने से संबंधित धाराएं जोड़ी हैं।

इनका कहना है-

मां की शिकायत पर पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज करते हुए त्वरित कार्रवाई कर पीड़िता को दस्तयाब कर लिया है। अब तक के अनुसंधान में वारदात में संगठित गिरोह के सक्रिय होने के सबूत मिले हैं। पुलिस पीड़िता के बयान दर्जकर मेडिकल करवाया है। -उषा यादव, कार्यवाहक पुलिस अधीक्षक

Updated on:
16 Jun 2026, 9:36 PM IST
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