अजमेर

नाम हस्तांतरण,अवधि विस्तार के नियमों में बदलाव

नगरीय विकास विभाग ने जारी किए आदेश
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Jan 13, 2021
ada
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अजमेर. राज्य सरकार के नोटिफिकेशन दिनांक 4 जनवरी 2021 के अनुसार भूमि निष्पादन नियम 1974 में संशोधन किया है। नगरीय विकास विभाग Urban Development Departmentद्वारा जारी आदेशों के अनुसारा इसमें फ्री होल्ड, अवधि विस्तार तथा नाम हस्तांतरण के लिए अधिक राशि का प्रावधान किया गया है। यह आदेश अजमेर विकास प्राधिकरण ada को प्राप्त हो गए है। इसमें फ्री होल्ड के प्रकरणों में लीज राशि की 10 गुणा राशि लेकर एंव अगर एकमुश्त शहरी जमाबंदी पूर्व में ही जमा है तो दो वर्ष की लीज राशि और वसूल का फ्री होल्ड किया जाए। भूमि निष्पादन नियम 1974 के नियम 14-ए में परिवर्तन किया गया है। जिसके अनुसार नीलामी में आवंटित भूखंड पर नीलामी में आवंटित दिनांक से 5 वर्ष मेें निर्माण करना अति आवश्यक है। 5 वर्ष में निर्माण नहीं करने पर 5 वर्ष पश्चात 10 वर्ष तक 1 प्रतिशत वार्षिक दर पर वर्तमान आरक्षित दर पर शास्ती जमा करवाई जा सकती है।

10 वर्ष के बाद 6 माह तक 2 प्रशित शास्ती के साथ नोटिस के साथ मकान बनाने का अंतिम मौका दिया जाएगा। नोटिस के पश्चात भूखंड का आवंटन स्वत: ही निरस्त हो जाएगा। ऐसे प्रकरणो पर राज्य सरकार के आदेशों के अनुसार कार्यवाही की जाएगी। नियम 17 में भूखंड लॉटरी में आवंटन की दिनांक से 10 वर्ष तक आवंटी बेचान नहीं कर सकता है लेकिन यदि आवंटन दिनांक से 5 वर्ष में भूखंड का बेचान करता है तो वर्तमान आरक्षित दर का 10 प्रतिशत देना होगा। 5 वर्ष पश्चात 10 वर्ष तक 5 प्रतिशत शास्ती वर्तमान आरक्षित दर से देनी होगा। आवंटी को कब्जा पत्र से 5 वर्ष में निर्माण किया जाना अतिआवश्यक है। 5 वर्ष पश्चात 10 वर्ष तक एक प्रतिशत शास्ती राशि वर्तमान आरक्षित दर जमा करवाना होगा। 10 वर्ष पश्चात 6 महीने में नोटिस के द्वारा वर्तमान आरक्षित दर का 2 प्रतिशत राशि शास्ती लेते हुए अंतिम मौका दिया जाएगा। उसके पश्चात भूखंड का आवंटन स्वत: निरस्त हो जाएगा। राज्य सरकार 2 प्रतिशत शास्ती लेते हुए आगे अवधि विस्तार करने के आदेश दे सकती है।

नाम हस्तांतरण हुआ मंहगा

भूमि निस्पादन नियम 1974 में नया नियम 20 ए जोड़ा गया है। जिसमें नाम हस्तांनातंरण Name transfer, के आवेदनों में 100 मीटर तक भूखंडों 10 रूपए प्रति मीटर, 100 से 300 तक में 15 रूपए प्रति मीटर और 300 से 500 मीटर में 20 रूपए प्रति मीटर और 500 से अधिक के मामलों में 25 रूपए प्रति मीटर से राशि लेने के प्रावधान लागू किए गए है।

Updated on:
13 Jan 2021 09:37 pm
Published on:
13 Jan 2021 09:37 pm