जेएलएन अस्पताल में चिकित्सकों की टीम की मेहनत का सुखद परिणाम
अजमेर. चिकित्सक को धरती के भगवान का दर्जा इसलिए दिया कि वह अपनी जान को जोखिम में डालकर किस तरह मरीज की जान को बचाता है। इसका उदाहरण शनिवार को जवाहर लाल नेहरू अस्पताल कोविड 19 में सामने आया। जहां कोरोना संक्रमित गर्भवती महिला का ऑपरेशन कर प्रसव करवाया गया और नवजात शिशु की जान बचाई गई।
जेएलएन अस्पताल के कोविड 19 में भर्ती आदर्शनगर निवासी 28 वर्षीय गर्भवती महिला को कोरोना पॉजिटिव आने पर शुक्रवार को सैटेलाइट अस्पताल से जवाहर लाल नेहरू अस्पताल में भर्ती करवाया गया। शनिवार को सुबह प्रसव पीड़ा होने पर महिला चिकित्सक डॉ. पूजा ने देखा तो पाया कि बच्चा उल्टा है और ऑपरेशन करना अति आवश्यक है। तत्काल निर्णय लेकर ऑपरेशन की सभी तैयारियां पूरी की गई और समय पर ऑपरेशन कर बच्चे की जान बचाई। ऑपरेशन के बाद मां और बच्चा पूर्ण स्वस्थ हैं। गौरतलब है कि महिला का पति भी कोरोना संदिग्ध वार्ड में भर्ती है।
यह थी चिकित्सकों की टीम
जनाना अस्पताल की अधीक्षक डॉ पूर्णिमा पचौरी और डॉ. एनेस्थेटिक डॉ. अरविन्द खरे ने निर्देशन में डॉ.पूजा, डॉ. गिरधारी, डॉ. मुकुट, डॉ. दीपाली (पिडिएट्रिक)ऑपरेशन कर प्रसव कराया। नर्सिंग स्टाफ अजय मीणा, वार्ड बॉय अजय का सहयोग रहा।