अजमेर

कश्मीर में 370 हटने के बाद एक भी गोली नहीं चली – नसीरुद्दीन

kashmir issue : तीन दिन के कश्मीर दौरे पर गए देश की विभिन्न दरगाहों के प्रतिनिधियों ने लौटने के बाद कहा कि कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के बाद सुकून है। वहां अनुच्छेद 370 हटने के बाद से अब तक एक भी गोली नहीं चली है। वहां पर लोग शांति से दैनिक कार्य कर रहे हैं।
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Updated: 15 Oct 2019, 6:05 AM IST
कश्मीर में 370 हटने के बाद एक भी गोली नहीं चली - नसीरुद्दीन
कश्मीर में 370 हटने के बाद एक भी गोली नहीं चली - नसीरुद्दीन

अजमेर. कश्मीर में अनुच्छेद 370 (article 370) हटाए जाने के बाद सुकून है। ख्वाजा साहब की दरगाह के दीवान (ajmer dargah diwan) सैयद जैनुअल आबेदीन के पुत्र नसीरुद्दीन चिश्ती ने कश्मीर (kashmir) से लौट कर यह फीडबैक दिया है। उनके नेतृत्व में देशभर की विभिन्न दरगाहों के प्रतिनिधि जम्मू-कश्मीर में वर्तमान हालातों की समीक्षा करने गए थे। तीन दिन के दौरे के बाद सोमवार को दिल्ली लौटे चिश्ती ने फोन पर बताया कि लोगों से उन्हें वहां जो फीडबैक मिला है, उसमें यह सामने आया है कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद कश्मीर में शांति है, वहां एक भी गोली नहीं चली और न ही किसी तरह की कोई अप्रिय घटना हुई है। दल ने वहां दरगाह, हॉस्पिटल, बाजार और लाल चौक का दौरा किया और लोगों से फीडबैक लिया। युवाओं से अलग से मुलाकात की।

...तो मीठा छोडऩा पड़ता है

कुछ लोगों ने वहां टेलीफोन आदि सेवाएं बहाल नहीं होने को लेकर नाराजगी जाहिर कि उनसे चिश्ती ने कहा कि जिस तरह शुगर बढऩे पर आदमी को मीठा छोडऩा पड़ता है, उसी तरह कश्मीर में शांति बहाली के लिए कुछ परेशानियां उठानी पड़ी हैं।

कश्मीर फ्री कोचिंग की घोषणा

चिश्ती ने बताया कि ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन कौंसिल की ओर से कश्मीर में फ्री कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें उच्च शिक्षा सहित विभिन्न तरह की प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए युवाओं को फ्री कोचिंग दी जाएगी।


इंटरनेशनल सूफी सेंटर की हो स्थापना

चिश्ती का कहना है कि कश्मीर में फिर से सूफिज्म की स्थापना के लिए इंटरनेशनल सूफी सेंटर की स्थापना होनी चाहिए। यह पर्यटन का सबसे बड़ा केंद्र बनेगा और यहां से मोहब्बत का पैगाम जाएगा।

पाकिस्तान कर रहा दुष्प्रचार

चिश्ती का कहना है कि कश्मीर के हालात को लेकर पाकिस्तान की ओर से दुष्प्रचार किया जा रहा है। वहां किसी से कोई जोर जबरदस्ती नहीं हो रही, इस तरह के जो भी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं वह फेक हैं। इन पर विश्वास नहीं किया जाना चाहिए।

हल्का विरोध भी

दल को कश्मीर में हजरतबल दरगाह के बाहर हल्के विरोध का भी सामना करना पड़ा। इस संबंध में चिश्ती का कहना है कि उन्होंने दस-पंद्रह जगह दौरा किया था, उनमें से एक जगह हल्का विरोध हुआ। हालांकि बाद में विरोध करने वाले लोगों ने ही उनसे दुआएं कराईं।

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