
अजमेर. अजमेर शहर की सीवरेज के मिसिंग लिंक की डीपीआर अब नए सिरे से तैयार होगी। नगर निगम ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है। इसमें करीब एक माह लगने की उम्मीद है। सीवरेज के मिसिंग लिंक का काम पूरा होने पर ही शहरवासियों को सीवरेज का लाभ मिल पाएगा।
राजस्थान पत्रिका की ओर से 30 सितम्बर को ‘करोड़ों जमींदोज सीवरेज का सपना नहीं हुआ पूरा’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया गया। अजमेर में 18 साल में 160 करोड़ खर्च करने के बावजूद आधी-अधूरी सीवरेज का खुलासा किया। इसमें बताया कि शहर में अभी भी कई स्थान ऐसे है जहां सीवरेज ओवरफ्लो हो रही है तो कहीं पर सीवरेज लाइन ही नहीं है। इस पर नगर निगम की ओर से मिसिंग लिंक सीवरेज और जहां पर सीवरेज नहीं बिछी हुई है उसके लिए अलग से डीपीआर तैयार करवाई जा रही है। निगम के कर्मचारियों ने इस पर काम शुरू कर दिया है। वर्तमान में स्थान चिन्हित किए जा रहे है जहां पर मिसिंग लिंक , सीवरेज नहीं बिछी होने सहित अन्य जानकारी जुटाई जा रही है। डीपीआर तैयार होने के बाद इसके लिए निविंदा आमंत्रित की जाएगी।
अभी तक बड़े नौ मिसिंग लिंक आए सामने
सीवरेज के ओवर फ्लो होने का सबसे बड़ा कारण सीवरेज के मिसिंग लिंक होना है। पानी का फ्लो आगे नहीं होने के कारण वह ओवरफ्लो होकर बाहर निकलने लग जाता है। अभी तक 9 बड़े मिसिंग लिंक सामने आए है। ऐसे कई छोटे-छोटे मिसिंग लिंक है और कई जगह सीवरेज डाली ही नहीं गई है।
इनका कहना है...
सीवरेज के मिसिंग लिंक और अनकवर किए कार्यों की डीपीआर तैयार करवाई जा रही है। इसमें एक महिने का समय लगेगा। दिसम्बर के अंत तक काम प्रारंभ हो जाएगा।
- चिन्मयी गोपाल, आयुक्त नगर निगम अजमेर