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ठेकाफर्म ने झौंकी अफसरों की आंखों में धूल, शर्तों को ताक में रख वसूली

टॉयट्रेन के किराये का मामला : राजस्थान पत्रिका के खुलासे के बाद नगर निगम ने सुभाष उद्यान की ठेकेदार फर्म को दिया नोटिस
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अजमेर

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Kanaram Mundiyar

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Updated: 2 Oct 2019, 12:04 AM IST

ठेकाफर्म ने झौंकी अफसरों की आंखों में धूल, शर्तों को ताक में रख वसूली

ठेकाफर्म ने झौंकी अफसरों की आंखों में धूल, शर्तों को ताक में रख वसूली

अजमेर.
सुभाष उद्यान में बच्चों की टॉयट्रेन की ठेकेदार फर्म नगर निगम की आंखों में धूल झोंक कर उद्यान में भ्रमण करने आने वाले लोगों से एग्रीमेंट की शर्तों से ज्यादा मनमर्जी किराया वसूल करती रही। यही नहीं उद्यान में एंट्री टिकट में जीएसटी की आड़ में एक रुपए की अधिक वसूली की जा रही थी। जबकि ठेकेदार फर्म ने निगम में जीएसटी के कोई दस्तावेज भी पेश नहीं किए। निगम ने जांच के बाद नोटिस जारी किया तो ठेकेदार फर्म की मनमानी उजागर हुई।


निगम ने ठेकेदार फर्म को तीन दिन में प्रत्येक टिकट पर ली गई जीएसटी की जानकारी सहित सम्पूर्ण दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। ठेकेदार दस वर्ष तक के बच्चों से 5 और उससे अधिक आयु के लोगों से जीएसटी के नाम पर प्रत्येक टिकट पर 10 रुपए वसूल रहा है। राजस्थान पत्रिका में 20 सितम्बर को 'जयपुर जाने से ज्यादा है टॉयट्रेन का किराया' शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया गया।

इसमें बताया कि सुभाष उद्यान में लगी टॉय ट्रेन में 2 से 10 वर्ष तक के बच्चों से किराया 25 रुपए और 10 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति का किराया 50 रुपए जीएसटी सहित वसूला जा रहा है। नगर निगम की ओर से मामले की जांच कराई गई। जांच में सामने आया कि एग्रीमेंट में निर्धारित टॉय ट्रेन का किराया 2 से 10 वर्ष तक के बच्चों का 20 और 10 से अधिक उम्र के लोगों से 40 रुपए निर्धारित किया गया है। इसके बावजूद ठेकेदार फर्म की ओर से 25 और 50 रुपए वसूले जा रहे है। जबकि एंट्री फीस 5 रुपए की बजाय 6 रुपए वसूले जा रहे हैं. इस पर ठेकेदार फर्म ने बताया कि जीएसटी जोड़ते हुए राशि ली जा रही है, जबकि जीएसटी का कोई भी दस्तावेज निगम में प्रस्तुत नहीं किया है।

तीन दिन में मांगा जवाब-
नगर निगम उपायुक्त गजेन्द्र सिंह रलावता की ओर से जारी किए गए नोटिस में प्रत्येक टिकट पर कितनी जीएसटी ली जा रही है और आगे कितनी जमा कराई जा रही है उसकी जानकारी तीन दिन में मांगी गई है। निगम ने इसी प्रकार पैडल वोट के बारे में भी जानकारी मांगी है। इसका भी किराया टॉय ट्रेन के किराए के बराबर वसूला जा रहा है। नोटिस का जवाब तीन दिन में नहीं देने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।