
अजमेर.
बैंक अधिकारी बनकर ऑन लाइन ठगी की वारदाते थमने का नाम नहीं ले रही है। ठग ने अबकी बार एनसीसी के अधिकारी को नया एटीएम कार्ड जारी करने के झांसे में लेकर साढ़े आठ हजार रुपए की चपत लगा दी। खास बात यह रही कि खाते में रकम कम थी। अन्यथा ठग बड़ी रकम साफ करने के मन बना चुका था। पीडि़त की शिकायत पर क्लॉक टावर थाना पुलिस मामले की पड़ताल में जुटी है।
पुलिस के अनुसार ठगी का शिकार नागौर मायापुर हाल सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय में एनसीसी कार्यालय में तैनात सुबेदार क्वार्टर मास्टर रामचन्द्र याड बने।
रामचन्द्र याड को एक कॉल आया। कॉलर ने मुम्बई एसबीआई हैडऑफिस से बोलने की जानकारी दी। उसने रामचन्द्र याड को पुराने एटीएम कार्ड की जगह नए एटीएम कार्ड जारी करने की जानकारी दी।
रामचन्द्र याड ने जब उनसे एटीएम कार्ड बिना अनुमति जारी करने की बात कही तो उसने कहा कि चार से छह दिन में कार्ड पहुंच जाएगा।
ठग ने यार्ड को बातों में उलझाकर एटीएम कार्ड नम्बर हासिल कर लिए। कुछ देर बाद यार्ड के मोबाइल पर मैसेज आया जिसमें 4 हजार रुपए खाते से निकल गए। ठग ने दूसरी बार में 9 हजार रुपए निकालना चाहा लेकिन खाते में रकम कम होने पर वह कामयाब नहीं हो सका।
ठग ने तीसरी बार में फिर साढ़े 4 हजार रुपए निकाल लिए। पीडि़त ने मामले की शिकायत एसबीआई बैंक में की तो उन्होंने मदद से इनकार कर दिया। बैंक मैनेजर की सलाह पर याड ने क्लॉक टावर थाने में शिकायत दी। थानाप्रभारी गोमाराम ने प्रकरण दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी।
दूसरे मोबाइल पर जयपुर से कॉल
रामचन्द्र याड ने बताया कि उसके दूसरे मोबाइल पर जयपुर मुख्य ब्रांच से कॉल आया। कॉलर में बैंक खाते में गड़बड़ी चलने की बात कही। जब याड ने उसको मुम्बई ब्रांच से बात चलने की बात कही तो जयपुर के कॉलर ने उसको उसका नाम, पता सबकुछ जानकारी दे दी लेकिन तब तक उसके खाते से रकम निकाली जा चुकी थी।