
अजमेर.
कोरोना लॉक डाउन से भारत और पूरी दुनिया भले ही जूझ रही है लेकिन ये वक्त कई मायनों में हमें काफी सीख दे रहा है। पुरानी स्मृतियों को टटोलने और नवाचार अपनाने का यही बेहतरीन मौका है। लॉक डाउन में ऑनलाइन क्लास रूम टीचिंग का नया अनुभव सीखने को मिल रहा है। पत्रिका लॉकडाउन डायरीज में कोचिंग संस्थानों के निदेशकों ने यूं विचार साझा किए।
योग और व्यायाम से शुरुआत
बंसल क्लासेज की निदेशक आरती बंसल इन दिनों सुबह की शुरुआत योग और हल्के व्यायाम से कर रही हैं। घर ही उनका वॉक वे बन चुका है। इसमें उनके चिकित्सक पति डॉ धीरज अग्रवाल भी शामिल होते हैं। दोनों टेबल टेनिस भी खेलते हैं। कोचिंग संस्थान बन्द होने से आरती की जिम्मेदारी ज्यादा बढ़ गई है। वे रोज सुबह ऑनलाइन लेक्चर तैयार कर उसे विद्यर्थियों के लिए अपलोड करती हैं। इसके अलावा संस्थान के दूसरे टीचर्स के ई-कंटेट और वीडियो लेक्चर अपलोड कर चर्चा करती हैं। विद्यार्थियों से व्हाट्सएप और स्काईप पर प्रॉब्लम सॉल्व करती हैं।
किचन में वक्त, पुराने एलबम
आरती ने बताया कि रोजमर्रा की व्यस्त कोचिंग से समय निकालना मुश्किल होता है। लॉक डाउन में कुछ वक्त किचन के लिए निकाल पा रही हूं। काफी साल बाद पुराने एलबम भी देखने का मौका मिला है। परिवार के साथ कुछ समय बिताना अच्छा लग रहा है।
ऑनलाइन क्लास और वीडियो
शर्मा कॅरियर इंस्टीट्यूट की निदेशक डॉ. ऋचा शर्मा ने बताया कि वे सुबह 10 से 2.30 बजे तक ऑनलाइन क्लास लेती हैं। वीडियो बनाकर ग्रुप में अपलोड करती हैं, ताकि विद्यार्थियों को पढऩे में दिक्कत नहीं हो। रात 9 बजे बाद वे विद्यार्थियों की पढ़ाई-होमवर्क की समस्याओं का ऑनलाइन समाधान करती हैं। साथ ही पुस्तक, कोचिंग मेटेरियल और ऑडियो-वीडियो माध्यम से पढ़ाई का परामर्श देती हैं।
लिख रही पुस्तक, टेरेस गार्डन का ध्यान
ऋचा इन दिनों आईआईटी विद्यार्थियों के लिए केमिस्ट्री की किताब लिख रही हैं। उनके मकान में टेरेस गार्डन है। लिहाजा बागवानी का शौक शाम को पूरा होता है। किचन में खाना बनाने के साथ-साथ वे बेटे को नियमित रूप से पढ़ाती हैं। उनका कहना है कि इंडोर गेम, क्रॉसवर्ड पजल सॉल्व. अच्छा साहित्य पढऩे और न्यूज-पढऩे-सुनने से कोई भी व्यक्ति तनाव मुक्त रह सकता है।