अजमेर

एक करोड़ में बेचने आए थे वो इस विशेष दांत से बनी बेशकीमती मूर्ति, पुलिस ने किया गिरफ्तार

एटीएस जयपुर ने तस्करी कर हाथी दांत की मूर्ति मंगवाकर बेचने की फिराक में घूमते गिरोह का भंडाफोड़ किया है।
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Jun 02, 2018
police arrested six people who came here for selling ivory statue
एक करोड़ में बेचने आए थे वो इस विशेष दांत से बनी बेशकीमती मूर्ति, पुलिस ने किया गिरफ्तार

जयपुर/अजमेर. एटीएस जयपुर ने तस्करी कर हाथी दांत की मूर्ति मंगवाकर बेचने की फिराक में घूमते गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गिरोह के 6 लोगों को पकड़ा गया है, जो एक करोड़ रुपए में मूर्ति बेचने की फिराक में थे। ग्राहक मिलते ही उन्होंने मूर्ति का सौदा 40 लाख रुपए में तय कर दिया।

एटीएस ने मूर्ति का सौदा करते समय ही आरोपितों को पकड़कर मूर्ति बरामद कर ली। देर रात अजमेर के सिविल लाइंस थाने में मामला दर्ज कराया गया। आरोपितों से पूछताछ की जा रही है कि मूर्ति कहां से मंगवाई गई, मूर्ति बनाने वालों को इसकी कितनी कीमत दी गई। एटीएस के एडीजी उमेश मिश्रा ने बताया कि पकड़े गए लोगों में ब्यावर की शिव कॉलोनी निवासी महेन्द्र सिंह चारण, सीकर के छोटा भोजासर निवासी भजन सिंह, श्रीमाधोपुर के वार्ड 7 निवासी सूर्यकांत शर्मा, अजमेर निवासी रामचन्द्र चौधरी, ब्यावर निवासी शेरू सिंह उर्फ अजयपाल सिंह, शाहपुरा के खातोलाई निवासी घनश्याम सिंह चारण शामिल है।

होटल में हुआ सौदा
अजमेर में जयपुर रोड स्थित होटल में एटीएस की टीम बोगस ग्राहक बनकर बेशकीमती हाथी दांत की खरीद-फरोख्त के लिए पहुंचे। एटीएस की सूचना पर हाथी दांत की तस्करी में लिप्त अजमेर निवासी रामचन्द्र चौधरी अपने साथियों के साथ पहुंचे। एटीएस ने यहां पांच जनों को दबोचा। देर रात तक सिविल लाइन्स थाने में कार्रवाई चलती रही।चार दिन से थी तलाशजयपुर एटीएस को काफी दिनों से अजमेर में वन्यजीवों के अंगों की तस्करी की सूचना मिल रही थी। यहां के कुछ लोग अजमेर व आसपास के क्षेत्रों में माल की सप्लाई कर रहे हैं। प्रमुख रूप से इनके पास कीमती हाथीदांत के टुकड़े हैं। एटीएस ने बोगस ग्राहक बनकर गिरोह को दबोचने के लिए जयपुर रोड स्थित एक होटल को ठिकाना बनाया। शुक्रवार शाम होटल के दो कमरे में दो जनों की आईडी पर पांच लोग ठहरे, जिनको एटीएस की टीम सिविल लाइन्स थाने में पूछताछ में जुटी है।

वन विभाग की टीम को बुलाया

जयपुर एटीएस ने मामले में वन विभाग की टीम को बुलवाया है। वन विभाग व वन्यजीव एक्सपर्ट की टीम के आने के बाद बरामद वन्यजीवों के संबंध में जानकारी मिल सकेगी। हालांकि सिविल लाइंस थाने में आरोपितों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

कुछआ वन विभाग के सुपुर्द

एटीएस आरोपितों से हाथी दांत से बनी मूर्ति कहां से लाए और इन्हें कौन खरीद कर आगे सप्लाई करने वाला था। इन सभी बिन्दुओं पर एटीएस जांच में जुट गई है। जबकि ब्यावर में दबिश के दौरान एक युवक को कछुए समेत पकड़ा है जो प्रतिबंधित की श्रेणी में आता है। इसे वन विभाग के सुपुर्द कर दिया गया है।

Published on:
02 Jun 2018 09:48 am