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रक्तदान करने से कतराते हैं लोग, इसलिए राजस्थान के इस शहर के ब्लड बैंक में हुई खून की कमी

जवाहर लाल नेहरू अस्पताल स्थित जोनल ब्लड बैंक में खून की उपलब्धता तो है मगर अपेक्षाकृत कम है। मई एवं जून माह में हर वर्ष की तरह कुछ ग्रुप में खून की कमी है।
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अजमेर

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Sonam Ranawat

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Updated: 2 Jun 2018, 7:00 AM IST

there is no blood in blood bank of jln hospital

रक्तदान करने से कतराते हैं लोग, राजस्थान के इस शहर के ब्लड बैंक में हुई खून की कमी

अजमेर . जवाहर लाल नेहरू अस्पताल स्थित जोनल ब्लड बैंक में खून की उपलब्धता तो है मगर अपेक्षाकृत कम है। मई एवं जून माह में हर वर्ष की तरह कुछ ग्रुप में खून की कमी है। यह कमी आपात स्थिति में नुकसानदेह साबित हो सकती है। ब्लड बैंक में खून लेने के लिए हर कोई पहुंचता है मगर जब खून देने (रक्तदान) की बारी आती है तो हर कोई पीछे हट जाता है।

जोनल ब्लड बैंक में जेएलएन अस्पताल सहित अन्य ब्लड बैंक/ ब्लड स्टोरेज यूनिट में भी खून की आपूर्ति समय-समय पर की जाती है। संभाग मुख्यालय के सबसे बड़े अस्पताल में सड़क दुर्घटनाओं, ऑपरेशन, खून की कमी वाले मरीजों को खून चढ़ाने के लिए आपूर्ति की जाती है, वहीं जनाना चिकित्सालय या अन्य अस्पतालों में जरूरत पडऩे पर भी रक्त यूनिट की आपूर्ति की जाती है। मगर रक्तदान करने वालों का आंकड़ा बहुत कम है। जोनल ब्लड बैंक में वर्तमान में 537 यूनिट रक्त संग्रहित है। वहीं मई एवं जून माह के अलावा वर्षभर औसतन करीब 800 यूनिट रक्तसंग्रहण रहता है। ब्लड बैंक में नेगेटिव ब्लड की कमी रहती है मगर जरूरत पडऩे पर नेगेटिव ग्रुप के रक्तदाताओं से सम्पर्क कर पूर्ति करवा ली जाती है।

मई-जून में खून की कमी की यह वजह
-सर्दी की अपेक्षा गर्मी में खून की खपत अधिक होना।-स्वैच्छिक रक्तदान शिविर के आयोजन कम होना।-गर्मी में रक्तदाता के रक्तदान के बाद फेन्ट होने की आशंका।

-कॉलेज, विद्यालयों में अवकाश से स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों पर असर।

रक्तदान से नहीं स्वास्थ्य को नुकसानरक्तदान के प्रति भ्रांति हैं कि रक्तदान से कमजोरी बढ़ती, जबकि ऐसा नहीं है। एक स्वस्थ व्यक्ति को रक्तदान करना चाहिए। स्वस्थ व्यक्ति हर तीन माह में रक्तदान कर सकता है। रक्तदान करने के बाद शरीर में रक्तसंचरण सुचारू रहता है। रक्तदान से न तो कमजोरी आती है न रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। 18 से 60 आयु वर्ग के व्यक्ति रक्तदान कर सकते हैं। सोच बदलने की जरूरतरक्तदान के लिए आमजन में सोच में बदलाव आवश्यक है। आज भी अस्पताल में भर्ती मरीज के परिजन की भीड़ लग जाती है मगर बात जब रक्तदान की आती है वे एक नजर नहीं आते हैं। अगर आप ब्लड बैंक से जरूरत पडऩे पर मरीज के लिए रक्त की यूनिट ले रहे हैं तो एक स्वैच्छिक रक्तदान के लिए तैयार भी रहना चाहिए। रक्त न तो किसी फैक्ट्री में तैयार होता है ना कहीं से आपूर्ति होती है, हर स्वस्थ व्यक्ति को रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए।

जोनल ब्लड बैंक में रक्त की उपलब्धता

90 ए पॉजीटिव

06 ए नेगेटिव
199 बी पॉजीटिव10 बी नेगेटिव

196 ओ पॉजीटिव
06 ओ नेगेटिव

26 एबी पॉजीटिव

04 एबी नेगेटिव

ब्लड बैंक में वर्ष भर औसतन 800 यूनिट रक्त संग्रहण रहता है। मई एवं जून में हर बार स्टोरेज थोड़ा कम होता है। लेकिन पर्याप्त रहता है। आवश्यकता पडऩे पर रक्तदान शिविर आयोजित करवा जाते हैं। आमजन में रक्तदान के प्रति जागरुकता बढ़ाने की और जरूरत है। -डॉ.कल्पना बेनीवाल, ब्लड बैंक प्रभारी जेएलएनएच