
Bangladeshi Woman Found In Ajmer Hotel: अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में कृष्णगंज थाना पुलिस और सीआईडी (विशेष शाखा) की संयुक्त टीम ने संदिग्ध बांग्लादेशी महिला को हिरासत में लिया है। प्रारंभिक पूछताछ में महिला ने जून माह में अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर जयपुर और ब्यावर होते हुए 14 जुलाई को अजमेर आना कबूला है। फिलहाल उसे डिटेंशन सेंटर भेजा गया है।
पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी-रोहिंग्या नागरिकों की पहचान के लिए अभियान चलाया जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर एवं मुख्यालय) हिमांशु जांगिड़, सीओ (उत्तर) शिवम जोशी के सुपरविजन में कृष्णगंज थाना प्रभारी अरविन्द सिंह चारण, सीआईडी (विशेष शाखा) की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए कृष्णगंज क्षेत्र स्थित विनायक होटल से संदिग्ध महिला को हिरासत में लिया। पुलिस को महिला की गतिविधियों पर संदेह होने के बाद उससे पूछताछ की गई, जिसमें उसके दस्तावेज और भारत आने के संबंध में भी जानकारी जुटाई।
पुलिस को उसने अपनी पहचान बांग्लादेश ढाका किशोरगंज निवासी मीम अख्तर (28) पुत्री अब्दुल सत्तार बताई। अग्रवाला ने बताया कि पूछताछ में उसने जून माह में अवैध रूप से भारत-बांग्लादेश अन्तरराष्ट्रीय सीमा पार कर आना स्वीकार किया। प्रारंभिक पूछताछ में उसने बताया कि वह काम की तलाश में पहले जयपुर, फिर ब्यावर और उसके बाद 14 जुलाई को अजमेर पहुंची। फिलहाल पुलिस उसके बयान का सत्यापन करने के साथ यह भी पता लगा रही है कि भारत में आने के बाद वह किन-किन लोगों के संपर्क में रही और उसकी गतिविधियां क्या थीं।
एसपी ने बताया कि पूछताछ के बाद मीम अख्तर को डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया है। पुलिस भारत में उसके संपर्क व सीमापार कराने में किसी अन्य पक्ष की भूमिका और उसके भारत आने की वजह की पड़ताल कर रही है। पुलिस उसके मोबाइल, दस्तावेजों और अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिले में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पिछले दो दिनों से विभिन्न क्षेत्रों में सघन सत्यापन अभियान चलाया गया। जिसके दौरान यह कार्रवाई की गई। एसपी अग्रवाला ने बताया कि अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर रहने वाले विदेशी नागरिकों की पहचान के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।