अजमेर

इनकी हैल्थ पर मंडराया जबरदस्त खतरा, सीएम से लेकर मंत्रियों को नहीं कोई फिक्र

इनकी हैल्थ पर मंडराया जबरदस्त खतरा, सीएम से लेकर मंत्रियों को नहीं कोई फिक्र

2 min read
Jul 17, 2018
medicine in hospital
medicine in hospital

अजमेर

जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के संबद्ध अस्पताल में फार्मासिस्ट की कमी के बावजूद राज्य सरकार की ओर से नियुक्ति नहीं की जा रही है। अस्पताल में मरीजों का बढ़ता दबाव फार्मासिस्ट झेल नहीं पा रहे हैं। दवा काउंटरों के सामने रोजाना लम्बी कतारों में मरीज परेशान रहते हैं, मगर काउंटरों की संख्या बढ़ाने को लेकर अस्पताल प्रशासन भी निर्णय नहीं कर पा रहा है। जेएलएन अस्पताल में मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना के काउंटरों के माध्यम से मरीजों को नि:शुल्क दवा उपलब्ध तो करवाई जा रही है मगर फार्मासिस्ट की कमी के चलते दबाव बढ़ता जा रही है।

कॉलेज/अस्पताल में फार्मासिस्ट के कुल 41 पद स्वीकृत हैं, मगर स्थायी रूप से वर्तमान में मात्र 14 फार्मासिस्ट कार्यरत हैं। करीब 10 फाार्मसिस्ट संविदा पर हैं मगर परीक्षा की तैयारी के चलते एक-एक कर नौकरी छोड़ कर जा रहे हैं। दो काउंटर पर 24 घंटे फार्मासिस्ट उपलब्धअस्पताल की कैज्युल्टी के पास काउंटर संख्या 117 एवं कार्डियोलोजी विभाग स्थित काउंटर संख्या 11 पर 24 घंटे दवा की उपलब्धता रहती है।

यही नहीं यहां तीन पारियों के लिहाज से 3 प्लस एक फार्मासिस्ट की ड्यूटी रहती है। कार्डियोलोजी विभाग में कार्डियो के साथ यूरोलॉजी विभाग के मरीजों को भी नि:शुल्क दवा मिल रही है।

जबकि ओपीडी के बाहर बीपीएल काउंटर सुबह 10 से शाम 5 बजे तक खुला रहता है। अन्य 11 काउंटर आउटडोर के समय खुलते हैं। इनमें ऑर्थोपेडिक, टीबी विभाग, शिशु रोग विभाग सहित अन्य काउंटर हैं। लाइफ लाइन काउंटर में इन्हें मिलती दवाभामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना, बीपीएल, विधवा, परित्यक्ता सहित अन्य मरीजों को लाइफ लाइन काउंटर में दवा मिलती है।

स्टोर में दो फार्मासिस्ट हैं जिनपर सभी काउंटर में दवा की उपलब्धता की जिम्मेदारी है। दोपहर बाद बढ़ता है भारओपीडी समय के बाद एवं अवकाश के दिनों में कैज्युल्टी में मरीजों की संख्या अधिक रहती है। दोपहर बाद तक विण्डो के सामने भीड़ हो जाती है। ऐसे में अवकाश के दिनों में यहां काउंटर बढऩा चाहिए।

Updated on:
17 Jul 2018 06:28 am
Published on:
17 Jul 2018 10:52 am