अजमेर

कांग्रेस और बीजेपी के नेता नहीं कर सकेंगे ये काम, करना होगा लम्बा इंतजार

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Updated: 6 Sep 2018, 6:33 AM IST
student union office
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रक्तिम तिवारी/अजमेर।

छात्रसंघ कार्यालयों के उद्घाटन में इस बार ‘नेताजी ’ के फीते काटने पर ग्रहण लग सकता है। दरअसल इस साल विधानसभा होने हैं। अक्टूबर या नवम्बर में आचार संहिता लागू हुई तो सियासी नेता कॉलेज-विश्वविद्यालय में छात्रसंघ कार्यालयों का उद्घाटन नहीं कर पाएंगे।
कॉलेज और महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव हो चुके हैं। सभी संस्थाओं में चुनाव नतीजे 11 सितम्बर को जारी होंगे। चुनाव जीतने के बाद छात्र संघ पदाधिकारियों की पहली प्राथमिकता छात्रसंघ कार्यालय के उद्घाटन की होती है। आमतौर पर छात्रनेता अपने कार्यालय के उद्घाटन में कांग्रेस और भाजपा के नेताओं, केंद्र अथवा राज्य सरकार के मंत्रियों, भामाशाहों को बुलाते रहे हैं।

होने हैं विधानसभा चुनाव

प्रदेश में इस साल दिसम्बर में विधानसभा चुनाव होने हैं। नियमानुसार 45 से 50 दिन पूर्व चुनाव आचार संहित लागू हो जाती है। ऐसे में आचार संहिता अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े या नवम्बर के शुरुआत में लागू की जा सकती है। इसके बाद प्रदेश में सियासी दलों के नेता कोई लोक-लुभावनी घोषणाएं, नए भवनों, कार्यालयों, परियोजनाओं का उद्घाटन नहीं कर सकते हैं।

जल्द कराएंगे उद्घाटन....

कांग्रेस और भाजपा के नेताओं की निगाहें विधानसभा चुनाव पर टिकी हैं। 11 सितम्बर को छात्रसंघ चुनाव नतीजे जारी होने के साथ सियासी दलों के नेता और छात्रसंघ पदाधिकारी तत्काल एकदूसरे से सम्पर्क करेंगे। विधानसभा चुनाव लडऩे वाले भावी उम्मदीवारों और नेताओं को युवाओं से रूबरू होना अवसर मिलेगा। आचार संहिता लागू होने से पहले एनएसयूआई के छात्रनेता कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व सीएम अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट, डॉ. रघु शर्मा, पूर्व सांसद प्रभा ठाकुर और अन्य को बुला सकते हैं। वहीं अभाविप छात्र मुख्यमंत्री, केंद्रीय खेल मंत्री राज्यवद्र्धन सिंह, खाद्य प्रसंस्करण मंत्री सी. आर. चौधरी, शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी, महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री अनिता भदेल को आमंत्रित कर सकते हैं।

इस बार परीक्षा 9 दिसम्बर को

अभ्यर्थी केंद्रीय अध्यापक पात्रता परीक्षा (सीटेट) के आवेदन में रही त्रुटियां गुरुवार से सुधार सकेंगे। सीबीएसई 15 सितम्बर तक यह अवसर देगा।
स्कूल में शिक्षक बनने के लिए सीबीएसई के तत्वावधान में केंद्रीय अध्यापक पात्रता परीक्षा (सीटेट) कराई जाएगी। इस बार परीक्षा 9 दिसम्बर को होगी। ऑनलाइन फार्म और ई-चालान से फीस जमा करने की अवधि पूरी हो चुकी है। अब अभ्यर्थियों को आवेदन में रही कुछ जरूरी त्रुटियां सुधारने का अवसर दिया जाएगा। इसके लिए आवश्यक फीस भी देनी होगी। इसीलिए कराई जाती है परीक्षाकेंद्र सरकार ने सीबीएसई, केंद्रीय विद्यालय, जवाहर नवोदय और अन्य स्कूल में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक और अन्य स्तर पर शिक्षकों की भर्ती के लिए केंद्रीय अध्यापक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करना जरूरी किया है। विभिन्न प्रदेशों में भी राज्य स्तरीय परीक्षा कराई जाती है।

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