अजमेर

आनासागर झील किनारे शेरो-शायरी के गोते

आनंदम संस्था के तत्वावधान में गीत गुलजार कार्यक्रम, कभी श्रोताओं ने ठहाके लगाए तो कभी गुदगुदाया

less than 1 minute read
Oct 13, 2019
अजमेर स्थित आनासागर किनारे जेटी पर रचनाएं पेश करते लेखक व कवि।

अजमेर. आनंदम संस्था के तत्वावधान में आनासागर झील स्थित जेटी पर रविवार रात नवें गीत गुलजार कार्यक्रम में शेरो-शायरी के खूब गोते लगाए। आसोज की चांदनी और खुशनुमा मौसम में शहरवासियों ने कवियों-लेखकों को रचनाओं पर कभी ठहाके लगाए तो कभी गुदगुदाया। धवल चांदनी की रोशनी, झीले से उठती लहरों व खुशनुमा माहौल में पूरा कार्यक्रम यादगार बन गया।

होश खो बैटा मुझे होश दिलाने वाला ...

कोटा के जगदीश सोलंकी ने मैंने हवाओं पर तैरना सीखा..., ये हवा दिनभर तो आवारा हुए जा रही है...., झील में जब दम घुट तो रेत पर आना पड़ा......कविता सुनाई। उन्होंने पेड़ तो था प्रार्थना में चुप्पियों पढऩे....सुनाया तो श्रोताओं ने भरपूर दाद दी।

ग्वालियर के मदन मोहन दानिश ने होश खो बैठा मुझे होश दिलाने वाला..., बागबां से आपने फूलों की कीमत पूछकर खुशनुमा....तुम हुए सागर मैं भी बादल की तरह...गीत पेशकर श्राताओं को गुदगुदाया। आगरा की सुमन सोलंकी ने चांदनी की चमक कहीं फीकी..., जान

जोधपुर के दिनेश सिंदल ने अपनी नजरों में...कविता सुनाकर दाद पाई। इस दौरान रमेश ब्रह्मवर, हेमन्त शारदा, निरंजन महावर, अनिल जैन भैसा, दौलत राज कोठारी, संजय जैन, योगेश अग्रवाल, संजय सोनी, अतुल विजयवर्गीय, नवीन सोगानी, सोमरत्न आर्य, ललित जैन, बाबूलाल अग्रवाल, सीताराम गोयल, प्रीति तोषनीवाल, रेखा गोयल, डॉ सुभाष माहेश्वरी, शिव शंकर फतेहपुरिया और अन्य मौजूद रहे।

Published on:
13 Oct 2019 09:31 pm
Also Read
View All