
अजमेर। सिविल लाइंस थाना पुलिस ने रेलवे भर्ती बोर्ड अजमेर कार्यालय के सामने से अगवा हुए मुख्य कार्यालय अधीक्षक रवि कुमार मीणा को बुधवार को जयपुर के निकट दस्तयाब कर लिया। रवि का अपहरण उसकी पत्नी के भाई ने ही भाडे के बदमाशों से करवाया था। अपहरण के बाद रवि की मां से 51 लाख रुपए की फिरौती मांगी गई थी। इधर, अपहरण का मुकदमा दर्ज होने के बाद सक्रिय हुई सिविल लाइंस थाना पुलिस, साइबर सेल ने सीसीटीवी की फुटेज व तकनीकी साक्ष्य के आधार पर दबिश देते हुए आरोपियों के चंगुल से रवि को छुड़वाया। पुलिस ने रवि को छोड़कर भाग रहे आरोपियों को तीन जिलों की पुलिस की मदद से दबोचा। पुलिस आरोपियों से पड़ताल में जुटी है।
सीओ(नॉर्थ) शिवम जोशी ने बताया कि 21 अगस्त शाम को रेलवे भर्ती बोर्ड अजमेर कार्यालय के सामने से अगवा सीओएस रवि कुमार मीणा को सिविल लाइंस थाना पुलिस की टीम ने जयपुर के निकट से दस्तयाब कर लिया। रवि को पत्नी के भाई महेन्द्र ने देवा, अनिल व अन्य की मदद से अजमेर कार्यालय के सामने से अगवा करवाया था। इधर, साप्ताहिक अवकाश पर बांदीकुई घर नहीं पहुंचने पर परेशान हुई मां सामंति मीणा ने दूसरे दिन 22 अगस्त को सिविल लाइंस थाने में पुत्र के अपहरण की नामजद रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।
सीओ जोशी ने बताया कि थानाप्रभारी शम्भूसिंह शेखावत, एएसआई मणिराम के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने घटनास्थल के निरीक्षण के साथ वहां मौजूद लोगों से जानकारी जुटाई। इसके बाद शहर में लगे 130 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखने के बाद जयपुर नम्बर की संदिग्ध कार की तलाश शुरू की। पुलिस ने अजमेर से जयपुर जाने वाले रास्ते पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखकर कार मालिक की जानकारी जुटाई। संभावित ठिकानों पर दबिश देने के साथ बांदीकुई, दौसा सदर थाना व अलवर के टहला थाना पुलिस से मदद ली।
सीओ जोशी ने बताया कि रवि के निवास स्थान, आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश देते हुए दौसा सदर थाना क्षेत्र के ग्राम आमटेडा में आरोपियों के परिजनों से पूछताछ की। साथ ही साइबर सेल की मदद से तकनीकी साक्ष्य और कॉल डिटेल रिकॉर्ड का विश्लेषण किया गया। लगातार जुटाई आसूचना व तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस टीम रवि की संभावित लोकेशन तक पहुंच गई। पुलिस को देखकर आरोपियों ने रवि को छोड़कर भागने का प्रयास किया लेकिन स्थानीय पुलिस की घेराबंदी से उन्हे्ं दबोच लिया।
जोशी ने बताया कि रवि से पूछताछ में आया कि आरोपियों ने उसका अपहरण कर 51 लाख रुपए की फिरौती की मांग की थी। पुलिस अपहरण की साजिश में शामिल अन्य लोगों का पता लगाने में जुटी है। कार्रवाई में थानाधिकारी शम्भूसिंह, एएसआई मनीराम, कांस्टेबल सुमित सहारण, राजकुमार व साइबर सेल के हेड कांस्टेबल सुनील मील, मुकेश कुमार व सिपाही अजित सिंह शामिल रहे।
रवि कुमार मीणा ने बताया कि 21 अगस्त शाम सवा बजे आरआरबी ऑफिस से चेयरमैन के बंगले पर ऑफिस का लेपटॉप लेने जा रहा था। बाहर निकलते ही कार ने उसकी बाइक को टक्कर मारकर गिरा दिया। कार से 3-4 लोग उतरे और उसे जबरन अंदर डाल लिया। उनमें देवा और अनिल को वह जानता है। आरोपियों ने बाद में बताया कि पत्नी के भाई महेन्द्र ने उनको उठाने के लिए भेजा है। जयपुर में महेन्द्र भी साथ हो गया। फिर उसको नांगल प्यारीवास ले गए। जहां पर मारपीट करते हुए 51 लाख रुपए देने की मांग की।
करीब 24 घंटे तक बात नहीं कराई और फिर टहला क्षेत्र के जंगल में ले जाकर मारपीट की। बाद में उसकी मां से पैसे की व्यवस्था करने की कहलवाया। इसके बाद आंधी क्षेत्र में ले गए। आधार कार्ड से स्टाम्प निकलवाकर उससे एफिडेविट लिखवाया कि वह 51 लाख रुपए दे देगा और उसका अपहरण नहीं हुआ है। फिर उसको बांदीकुई छोड़ने जाने के दौरान अजमेर पुलिस की गाड़ी को देखकर उसे उतारकर भाग गए।