6 गेटों से 84 हजार क्यूसेक पानी की निकासी, त्रिवेणी का गेज 3.30 मीटर पर
अजमेर. बीसलपुर बांध के कैचमेंट में सोमवार को बारिश का दौर थमने से बांध में पानी की आवक धीमी जरूर हुई लेकिन लगातार जारी है। सोमवार शाम 6 गेटों से 84 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही थी। इससे पहले सुबह आठ गेटों से निकासी की गई तथा बाद में दोपहर को दो गेट बंद कर दिए गए। एईएन मनीष बंसल ने बताया कि त्रिवेणी का गेज 3.30 मीटर पर है जबकि डाई नदी से भी पानी की आवक बरकरार है।
दूसरी बार सबसे ज्यादा पानी की निकासी
बीसलपुर बांध के गेट पहली बार 2004 में खोले गए थे। 1999 से अब तक बांध के गेट पंाच बार खुल चुके है। 2016 में सबसे ज्यादा पानी की निकासी की जाने के बाद दूसरी बार 2019 में ज्यादा पानी की निकासी हुई है।
एक गेट हुआ खराब
बीसलपुर बांध प्रबधंन की लापरवाही सामने आई है। बांध के कुल 18 गेट है। रविवार को पानी की आवक अधिक होने पर बांध के 18 गेट खोले गए थे। लेकिन बांध का गेट नम्बर 11 खराब हो गया। जिस पर तुरत फुरत में गेट को बंद कर दिया गया। बताया गया कि बांध प्रबंधन की लापरवाही के चलते एक गेट खराब है। लेकिन बांध प्रशासन ने लापरवाही बरती जिसके चलते पानी की भारी आवक पर संकट आ सकता था।
बनास में बहे चार युवक, दो को बचाया
बीसलपुर बांध स्थल पर सोमवार डाउनस्ट्रीम में नहाने उतरे तीन युवक बनास नदी में बह गए, जिनमें से एक युवक को नाविकों ने बचा लिया। जबकि दो युवक लापता है। निवाई से लगभग आधा दर्जन युवक पिकनिक मनाने बीसलपुर बांध स्थल पर आए थे। इस दौरान चार युवक लोकेश मीणा, मुबारक अली, अमन व शुभम गोकर्णेश्वर मंदिर के सामने स्थित पवित्र देह में नहाने उतर गए। तेज बहाव में चारों युवक बहने लगे। शुभम तैर कर बाहर निकल गया। तीन युवकों को बहते देख नाविकों ने तीनों को बचाने का प्रयास किया मगर नाव वाले अमन को ही बचा पाए। जबकि दो युवक लोकेश मीणा व मुबारक अली बनास नदी के तेज प्रवाह में बह गए। स्थानीय लोगों ने बीसलपुर चैकी को सूचना दी। इसके बाद प्रशासन मौके पर पहुंचा और बचाव कार्य शुरू किया।