अजमेर

Rain: सावन में बरसात की उम्मीद, जाने कब होगी मेहरबानी

पिछले 14 दिन से मानसून का अता-पता नहीं है। पिछले दिन आषाढ़ सूखा ही बीत गया है। सुबह आसमान पर छिटपुट बादल मंडराए। धूप निकलने के साथ उमस और गर्मी ने परेशान किया हुआ है।

2 min read
Jul 18, 2019
wait for monsoon rain

अजमेर

जिले को जुलाई के शुरुआत में झमाझम बरसात (rain in ajmer) से भिगोने वाला आषाढ़ आखिर सूखा बीत चुका है। गुरुवार को भी छिटपुट बादल मंडराने के अलावा तेज धूप और गर्मी बढ़ी हुई है। सावन के दूसरे दिन भी बारिश के कहीं आसार नहीं दिख रहे हैं। अधिकतम तापमान 34 से 37 डिग्री के बीच कायम है।

ये भी पढ़ें

School Van strike: परेशान हुए बच्चे और अभिभावक, सडक़ पर लगा जाम

जुलाई के शुरुआत में अजमेर समेत ब्यावर, पीसांगन, रूपनगढ़, किशगनढ़, पुष्कर और अन्य इलाकों पर इंद्रदेव मेहरबान रहे थे। झमाझम बरसात(heavy rain) ने कई इलाकों को जलमग्न भी किया। लेकिन पिछले 14 दिन से मानसून का अता-पता नहीं है। पिछले दिन आषाढ़ सूखा ही बीत गया है। गुरुवार सुबह आसमान पर छिटपुट बादल मंडराए। धूप निकलने के साथ उमस और गर्मी ने परेशान किया हुआ है। फिलहाल न्यूनतम तापमान 27.2 से 29 डिग्री के बीच कायम है।

सावन में बारिश की उम्मीद

यूं तो राजस्थान (rajasthan )और अजमेर (ajmer) जिले में मानसून सक्रिय हो चुका है। कई जगह ताबड़तोड़ बरसात भी हुई है। गुजरात के आसपास हवा का क्षेत्र बनने से मानसून पर असर पड़ा है। यही वजह है, कि प्रदेश बारिश (baarish)मे वंचित है। बुधवार से सावन की शुरुआत हो चुकी है। लगातार दूसरे दिन सावन (sawan month) में बारिश नहीं हुई है। मालूम हो कि राजस्थान में आषाढ़, सावन, भादौ और आसोज ही बरसात(rain water) के लिहाज से मुख्य महीने हैं।

जिले में 1 जून से अब तक बारिश (मिमी में)
अजमेर 134, श्रीनगर 51, गेगल 24, पुष्कर 87, गोविन्दगढ़ 38, बूढ़ा पुष्कर 26, नसीराबाद 44, पीसांगन 74, मांगलियावास 26, किशनगढ़ 60, बांदरसींदरी 17, रूपनगढ़ 126, अरांई 93, ब्यावर 161, जवाजा 98, टॉडगढ़ 113, सरवाड़ 105, गोयला 113, केकड़ी 117, सावर 35, भिनाय 54, मसूदा 38, बिजयनगर 48, नारायणसागर 41 इन जलाशयों में पानी (फीट में)आनासागर 12.5, फॉयसागर 2.2, पुष्कर 4.3, अजगरा 3.6, ताज सरोवर अरनिया 8.6, खानपुरा 3.6, जवाजा 3.4, बूढ़ा पुष्कर 6.6, बांके सागर 1.8

जिले में खाली पड़े हैं यह जलाशय

ऊंटड़ा, रामसर, बीर, फूलसागर कायड़, रूपनगढ़, शिवसागर न्यारा, फूलसागर जालिया, राजियावास मकरेड़ा, गोविंदगढ़, मदन सरोवर धानवा, मूंडोती, पारा प्रथम और पारा द्वितीय, लसाडिय़ा, बसूंदनी, नाहर सागर पीपलाज, लोरडी सागर, नारायण सागर खारी, डेह सागर बड़ली, न्यू बरोल, मान सागर जोताया और अन्य

ये भी पढ़ें

New Policy: सरकार करेगी यह बदलाव, कॉलेज को मिलेंगे नए प्राचार्य
Published on:
18 Jul 2019 07:44 am
Also Read
View All