
Ajmer Fake Call Case: अजमेर: जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में एक नर्सिंग ऑफिसर द्वारा डिप्टी सीएम सीएम प्रेमचंद बैरवा के नाम से फर्जी कॉल कर विभागीय अधिकारियों पर दबाव बनाने और मनचाहा तबादला कराने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि नर्सिंग ऑफिसर ने वॉइस मॉडिफिकेशन एप के जरिए आवाज, नंबर और प्रोफाइल बदलकर खुद को उप मुख्यमंत्री बताते हुए न केवल विभागीय अफसर को हड़काया, बल्कि दो बार स्वयं का तबादला भी करवा लिया।
बता दें कि मामले का खुलासा तब हुआ, जब उसे 'जिला बदर' कराने वाले नेता के निजी सहायक को नर्सिंग ऑफिसर ने रुतबा जताने की कोशिश की। पड़ताल में सारे घटनाक्रम और जालसाजी की परतें खुलती चली गई।
जानकारी के अनुसार, नर्सिंग अधिकारी ने कथित रूप से मोबाइल एप का इस्तेमाल कर कॉलर आईडी, प्रोफाइल फोटो और आवाज तक बदली डाली। फर्जी कॉल में विभागीय अधिकारी पर यह कहते हुए दबाव डाला कि 'मैं उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा बोल रहा हूं, एक काम के लिए कितनी बार कहना पड़ेगा?' मामले में मोड़ तब आया, जब उप मुख्यमंत्री स्तर से संबंधित व्यक्ति को नहीं जानने की जानकारी अधिकारियों तक पहुंची।
तबादले की प्रक्रिया और नोटशीट पर सवाल उठे तो विभागीय स्तर पर बिना नियमित प्रक्रिया के तबादला आदेश प्रभावी होने पर सवाल उठ गए। पुलिस फिलहाल लिखित शिकायत का इंतजार कर रही है।
नर्सिंग ऑफिसर ने मोबाइल पर वॉइस मॉडिफिकेशन एप का इस्तेमाल कर प्रभावशाली राजनीतिक हस्तियों के नाम के सहारे सुविधानुसार तबादला और पोस्टिंग करवा ली। सेटेलाइट अस्पताल में तैनाती के दौरान संबंधित कार्मिक की विवादित कार्यप्रणाली और अनियमितताओं की शिकायतों पर उसका तबादला अन्य जिले में किया गया था।
उसने उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद्र बैरवा का नाम, मोबाइल नंबर और सोशल मीडिया एप पर तस्वीर लगाकर विभागीय अधिकारी पर दबाव बना पहले किशनगढ़ और फिर अजमेर के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में तबादला करवा लिया।
मामले में मुझे मौखिक शिकायत मिली है। लिखित शिकायत मिलने पर संबंधित नर्सिंग ऑफिसर के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
-हर्षवर्धन अग्रवाला, पुलिस अधीक्षक, अजमेर