करोड़ों रुपए के मोबाइल फोन और एक्सेसरीज के गबन के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संगठित मेवात गैंग का पर्दाफाश किया है।
बांदरसिंदरी (अजमेर) @ पत्रिका. बांदरसिंदरी थाना क्षेत्र में करोड़ों रुपए के मोबाइल फोन और एक्सेसरीज के गबन के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संगठित मेवात गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों और शेष माल की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार 13 मार्च 2026 को ग्रेटर नोएडा निवासी अमित कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वह एक्सपी फ्रेट एंड फॉरवर्डर्स प्रा. लि. में प्रबंधक हैं और कंपनी विभिन्न ब्रांड्स के मोबाइल व एक्सेसरीज़ का परिवहन करती है।
गत 10 मार्च को एक ट्रक कंटेनर में बड़ी खेप अहमदाबाद के लिए रवाना की गई थी, लेकिन जयपुर टोल पार करने के बाद चालक से संपर्क टूट गया। बाद में ट्रक नोहरिया बालाजी मंदिर के पास संदिग्ध स्थिति में मिला, जहां कंटेनर की सील टूटी हुई थी और कई बॉक्स गायब थे।
अहमदाबाद वेयरहाउस में जांच के दौरान 122 बॉक्स कम पाए गए, जिनमें 1022 मोबाइल फोन और 200 एक्सेसरीज़ शामिल थीं। चोरी गए माल की कीमत करीब तीन करोड़ रुपए आंकी गई। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
वृत्ताधिकारी आयुष वशिष्ठ के निर्देशन में थानाधिकारी दयाराम चौधरी के नेतृत्व में गठित टीम ने सीसीटीवी फुटेज, फास्टैग डाटा और मुखबिर तंत्र की मदद से हरियाणा के नूंह (मेवात) और उत्तरप्रदेश सहित विभिन्न स्थानों पर दबिश दी। 30 अप्रेल 2026 को पुलिस ने शाकिर उर्फ साजिद, खालिद उर्फ खल्ली, अमान और इमलाक उर्फ इमरान को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से वारदात में प्रयुक्त कार भी बरामद की गई है।
जांच में सामने आया कि गिरोह पहले ट्रकों की रेकी करता था और चालकों से जानकारी लेकर माल की प्रकृति का पता लगाता था। इसके बाद चालक को लालच देकर अपने साथ मिला लिया जाता था। आरोपी ट्रक का पीछा कर सुनसान स्थान पर वारदात को अंजाम देते और माल को कम कीमत में खपा देते थे।
पुलिस ने आरोपियों को छह दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ में गिरोह के अन्य सदस्यों, चोरी में प्रयुक्त वाहनों और नेटवर्क से जुड़े अहम खुलासे होने की संभावना है। जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा।