अजमेर

राजस्थान परिवहन विभाग ने खुद ही बदल दिया वाहन मालिक, दौसा का नंबर अजमेर ट्रांसफर; पंकज की बाइक जहीर के नाम

राजस्थान परिवहन विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। दौसा निवासी पंकज कुमार सोनी ने साल 2022 में बांदीकुई से एक बाइक खरीदी थी, जिसका पंजीयन संख्या RJ-29 BS-9855 था। मूल दस्तावेज, खरीद बिल और बाइक पंकज के पास होने के बावजूद, विभाग के रिकॉर्ड में 2024 में यह वाहन अजमेर के उंटड़ा निवासी जहीर खान के नाम ट्रांसफर कर दिया गया।
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Updated: 8 Sep 2026, 2:49 PM IST
rajasthan transport dept
बाइक के साथ सोमवार को अजमेर आए पंकज सोनी (फोटो- पत्रिका)

-मनीष कुमार सिंह

अजमेर: परिवहन विभाग की एक कारगुजारी ने विभागीय सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दौसा में 2022 में शोरूम से खरीदी गई बाइक का रजिस्ट्रेशन नंबर दो साल बाद अजमेर में अन्य व्यक्ति के नाम ट्रांसफर हो गया। हैरानी की बात यह कि बाइक अभी भी फर्स्ट पार्टी के ही पास मूल आरसी, खरीद का बिल और अन्य मूल दस्तावेजों के साथ मौजूद है। उसने किसी को बाइक नहीं बेची, लेकिन विभाग ने सरकारी रिकॉर्ड में वाहन मालिक बदल दिया।

पंकज की बाइक जहीर के नाम की

दौसा बसवा बड़ा बाजार निवासी पंकज कुमार सोनी को 20 मार्च 2022 को बांदीकुई झालानी मोटर्स से खरीदी बाइक का 24 मार्च को दौसा परिवहन कार्यालय ने आरजे-29 बीएस-9855 नंबर जारी किया था। बाइक शुरू से ही उनके पास है। गत दिनों एप पर जब सोनी ने वाहन नंबर चेक किया तो विभाग के रिकॉर्ड में यही नंबर अजमेर के ऊंटड़ा निवासी जहीर खान के नाम दर्ज होना सामने आया। परिवहन कार्यालय से जानकारी करने पर पता चला कि वर्ष 2024 में यह नंबर अजमेर आरटीओ से जहीर खान के नाम रजिस्टर्ड किया गया।

पंकज सोनी और परिवहन विभाग की साइट पर जहीर खान के नाम दर्ज बाइक का नंबर

अफसरों को सौंपी शिकायत

फर्जी दस्तावेज तैयार कर वाहन ट्रांसफर किए जाने की शिकायत लेकर सोनी अजमेर के सिविल लाइंस थाने भी गए, लेकिन उसे दौसा भेज दिया। दौसा पुलिस ने मामला अजमेर का बताकर टाल दिया। सोमवार सुबह सोनी ने सिविल लाइंस थाने, डीटीओ राजीव शर्मा व एएसपी (शहर) हिमांशु जांगिड़ को शिकायत दी। लेकिन पुलिस और परिवहन अधिकारी मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं। पत्रिका पड़ताल में मामले में अजमेर डीटीओ कार्यालय में विभागीय अधिकारी और दलाल की सांठ-गांठ से बाइक की फर्जी आरसी जारी करने की आशंका सामने आई है।

विभाग की प्रक्रिया पर बड़ा सवाल

परिवहन विभाग की वेबसाइट के अनुसार, वाहन के स्वामित्व हस्तांतरण के लिए निर्धारित दस्तावेजों के साथ मूल पंजीयन प्रमाण पत्र (आरसी) व वाहन का कार्यालय में भौतिक निरीक्षण की प्रक्रिया शामिल है। ऐसे में सोनी की सहमति के बिना उनकी बाइक व मूल आरसी उसके पास रहते समान नंबर अन्य व्यक्ति के नाम ट्रांसफर होने से विभागीय प्रक्रिया सवालिया हो गई है।

पंकज सोनी के नाम की आरसी

सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत भी अनसुनी

सोनी ने 18 अगस्त को 181 सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की। एक सितंबर को जिला परिवहन कार्यालय अजमेर ने प्रकरण निस्तारित करते हुए दूसरे बाइक मालिक को बुलाकर दस्तावेजों का सत्यापन करने पर उसके दस्तावेज सही मिलना बताया। पीड़ित सोनी का कहना है जब बाइक, मूल आरसी और खरीद बिल उसके पास हैं तो अन्य व्यक्ति के दस्तावेज सही मानकर शिकायत कैसे खत्म कर दी गई? वह करीब एक महीने से दौसा-अजमेर के चक्कर काट रहा है।

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8 Sep 2026, 2:49 PM IST
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