अजमेर

Raksha bandhan: भाईयों की कलाई पर सजने लगी राखी

शहर के विभिन्न मंदिरों में भी भगवान श्रीकृष्ण, लक्ष्मी-नारायण, सिद्धि विनायक, भगवान शिव-पार्वती के राखी बांधी गई।
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Updated: 15 Aug 2019, 8:00 AM IST
raksha bandhan festival 2019
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अजमेर. भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक राखी पर्व (rakhi) गुरुवार को उत्साह और उल्लास से मनाने की शुरुआत हो गई है। बहनों (sisters) ने भाइयों (brothers) के तिलक लगाकर और राखी बांधकर उनकी लम्बी उम्र, खुशहाली की कामना की। भाइयों ने अपनी बहन को सार्मथ्य अनुसार उपहार और नकद राशि भेंट की। इस पर भद्रा नहीं होने से सुबह से शुभ मुर्हूत (muhurt) है। सुबह से शाम तक केवल राहुकाल (rahukal) को छोडकऱ कभी भी राखी बांधी जा सकेगी।

रक्षाबंधन पर्व (festival) पर कई घरों में बहनों ने भाइयों को तिलक कर, मिठाई खिलाकर और श्रीफल देकर राखी बांधनी शुरू कर दी है। साथ ही भाइयों की समृद्धि, परिवार में खुशहाली की मंगल कामना (good wishes) की। भाइयों ने बहनों को उपहार (gist) और नकद राशि (cash) भेंट की। शहर के विभिन्न मंदिरों में भी भगवान श्रीकृष्ण (shrikrishna), लक्ष्मी-नारायण, सिद्धि विनायक, भगवान शिव-पार्वती के राखी बांधी गई। दोपहिया-चौपहिया वाहनों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों (businessman) पर भी रक्षासूत्र बांधा गया। कई जगह पुजारियों (priest) ने यजमानों और लोगों के घर जाकर रक्षासूत्र बांधे। शिवालयों में मंत्रोच्चार से रुद्रिपाठ भी हुए।

बरसात के बावजूद रौनक
गुरुवार तडक़े से घटाएं (rain in ajmer) भिगो रही है। नया बाजार, पुरानी मंडी, दरगाह बाजार मदार गेट, केसरगंज, रामगंज, नगरा, धौलाभाटा, बिहारी गंज, आदर्शनगर, वैशाली नगर, और अन्य इलाकों में बाजारों में रौनक (market) धीरे-धीरे दिखने लगी है। लोग रंगबिरंगी राखी, फल, मिठाई, श्रीफल (shrifal), उपहार और अन्य सामग्री खरीदने (purchase) में व्यस्त हैं। हालांकि रुक-रुक कर बारिश से दुकानदान और लोग कुछ परेशान भी हो रहे हैं। केंद्रीय कारागार (central jail) में भी कैदियों को बहिनों ने राखी बांधने का दौर चलेगा।

मनाया श्रावणी उपाकर्म पर्व
आर्य समाज अजमेर के तत्वावधान में श्रावणी उपाकर्म और पंडित जियालाल जयंती मनाई जा रही है। सुबह मंत्रोच्चार से आचार्य अमर सिंह शास्त्री के ब्रह्मत्व में यज्ञ (yagya) किया जा रहा है। प्रधान रासासिंह रावत,राधेश्याम शास्त्री के प्रवचन होंगे वक्ता श्रावणी उपाकर्म (shravani upakarma) की महत्ता और पंडित जियालाल की शिक्षाओं पर प्रकाश डालेंगे। जागेश्वर प्रसाद निर्मल का कविता पाठ और बालक एवं बालिकाओं के भजन भी होंगे।

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