
पुष्कर. (अजमेर). पुष्कर के होटल आराम बाग पैलेस में शनिवार से इंडियन हेरिटेज होटल्स एसोसिएशन (आईएचएचए) की 8वीं वार्षिक कन्वेंशन तत्कालीन जोधपुर रियासत के पूर्व शासक गजसिंह के मुख्य आतिथ्य में शुरू हुई। कन्वेंशन में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए गजसिंह ने कहा कि भारत में पर्यटन उद्योग के कारण विदेशी मुद्रा का भंडार व रोजगार के अवसर बढ़े हैं। लेकिन हाल ही आतंकवाद व प्रदूषण का इस पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। हेरिटेज पर्यटन के रूप में पुरातात्विक स्मारक किले, धार्मिक स्थल, हवेलियां, हिल स्टेशन पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। भारत सरकार इनक्रेडिबल इंडिया की थीम पर्यटन विकास में सहयोग दे।
कन्वेंशन के दूसरे सत्र में आयुक्त उद्योग के.के. पाठक ने हेरिटेज स्तर के पर्यटन विकास की आवश्यकता बताई। उन्होंने पर्यटन विकास एवं हेरिटेज पर्यटन विकास को लेकर सरकारी स्तर पर दी जाने वाली सहायता के कानूनी प्रावधानों की जानकारी भी दी। इस सत्र में होटल मालिकों ने समस्याएं बताई और कहा कि हेरिटेज होटल अधिकांश ग्रामीण क्षेत्र में होती है इसलिए वहां पर पर्यटकों के लिए बार लाइसेन्स में कठिनाइयां आती हैं।
इससे पूर्व गजसिंह व वैभव गहलोत ने कन्वेंशन की शुरुआत की। पुष्कर के पं. रवि शर्मा के निर्देशन में अतिथियों का वैदिक परम्परानुसार स्वागत किया। ख्याति प्राप्त नगाड़ावादक नाथू लाल सोलंकी टीम के नगाड़ावादन किया। कन्वेशन के चेयरमैन एवं होटल आराम बाग के प्रबंध निदेशक राजेन्द्र सिंह पचार ने बताया कि कन्वेंशन में लगभग 130 होटल व्यवसायी भाग ले रहे है। कन्वेशन में पंजाब के पर्यटन मंत्री चरणजीत सिंह, मंडावा से रणधीर सिंह, उदयपुर मेवाड़ से लक्ष्यराज सिंह, नीमराना से अमननाथ, अलसीसर से गजसिंह, देवगढ़ से शत्रुंजय सिंह सहित देश के कई होटल मालिक उपस्थित थे।
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‘जल संरक्षण’ पर केन्द्रित
आईएचएचए के महासचिव, रणधीर विक्रम सिंह ने बताया कि इस वर्ष कन्वेंशन मुख्य रूप से ‘जल संरक्षण’ पर केन्द्रित होगा। कन्वेंशन में विशेषज्ञ‘ जल संरक्षण’ पर चर्चा करेंगे तथा होटल व्यवसायियों को वाटर कंजर्वेशन, री-साइक्लिंग और हार्वेस्टिंग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। आईएचएचए कन्वेंशन-2019 का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू ‘मार्केटिंग‘ भी है। देश से इवेंट मैनेजर और डोमेस्टिक ट्रेवल एजेंटों को कन्वेंशन में आमंत्रित किया गया है। इसमें देश की तत्कालीन रियासतों के पूर्व शासक भी भाग ले रहे है जिनके महल या हवेलियां होटल के रूप में संचालित हैं।