ब्यावर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना दिवस पर निकाला पथ संचलन, घोषवादन के साथ अनुशासन और एकाग्रता का कदमताल
अजमेर. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के स्थापना दिवस पर विजयदशमी पर स्वयंसेवकों ने घोषवादन के साथ पथ संचलन निकाला। इससे पहले शस्त्र पूजन किया गया। रास्ते में कई स्वयंसेवी संगठनों व बुद्धिजीवियों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।
संघ की गणवेश पहन क्रमबद्ध पथ संचलन करते स्वयंसेवकों का अनुशासन गजब का था। संचलन की टुकड़ी के बीच भारत माता का चित्र, केसरिया ध्वज व सुरक्षा दस्ता आकर्षण का केन्द्र था।
नगर संघचालक सुंदरदास ने बताया कि मंगलवार प्रात: साढ़े आठ बजे गिब्सन हॉस्टल में विजयादशमी उत्सव मनाया गया। विद्यार्थी एवं महाविद्यालय विद्यार्थी पूर्ण गणवेश के साथ सम्मिलित हुए। स्वयंसेवकों का एकत्रीकरण प्रात: साढ़े सात बजे तक गिब्सन हॉस्टल में हुआ। पथ संचलन प्रात: साढे़ दस बजे गिब्सन हॉस्टल से शुरू हुआ जो नेहरू गेट, गीता भवन, चांगगेट, लौहारान चौपड़, मालियान चौपड़ होते हुए सवा ११ बजे गिब्सन हॉस्टल पहुंचा। पथ संचलन के दौरान जगह-जगह कई संगठनों व आमजन ने पुष्प वर्षा से स्वागत किया। पथ संचलन के दौरान पुलिस जाब्ता तैनात रहा।
संघ का लक्ष्य देश व समाज की मजबूती
चित्तौड़ प्रांत के कुटुम्ब प्रबोधन प्रमुख सियाराम ने कहा कि विजयादशमी का मतलब विजय प्राप्त करने की लालसा है। इसी दिन प्रभु राम ने आसुरी शक्तियों का नाश कर समाज के आत्मविश्वास को जाग्रत कर राम राज्य की स्थापना की थी। पांडव भी धर्मयुद्ध के लिए तैयार हुए।
उसके बाद महाभारत जैसा विशाल युद्ध हुआ और धर्म की विजय हुई। उन्होंने कहा कि 1925 को विजयादशमी के दिन ही नागपुर में संघ की स्थापना हुई थी। संघ के स्थापक डॉ. केशव राव बलीराम हेडगेवार का चिंतन देश व समाज की सुरक्षा के लिए लोगों को एकजुट करना है।