
RPSC Chairman 2026: राजस्थान लोक सेवा आयोग अजमेर के नए अध्यक्ष को लेकर सियासी गलियारों में हलचल जारी है। 10 दिन बाद मौजूदा अध्यक्ष यू.आर.साहू का कार्यकाल खत्म होगा। सरकार को स्थायी या कार्यवाहक अध्यक्ष तैनात करना होगा। दोनों ही स्थिति में अध्यक्ष की तैनाती नहीं हुई तो आयोग में नियमानुसार कामकाज चलेगा।
राजस्थान लोक सेवा आयोग सेवा का गठन साल 1949 में किया गया था। आयोग में शुरुआत से अध्यक्ष सहित 5 सदस्य होते थे। तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने साल 2013 में दो सदस्यों की संख्या बढ़ा दी। इसके बाद मौजूदा भाजपा सरकार की ओर से साल 2024 में तीन सदस्यों की संख्या बढ़ाने से यह 10 सदस्यीय हो गया है।
राजस्थान लोक सेवा आयोग में अध्यक्ष सहित सदस्य छह वर्ष अथवा 62 वर्ष की आयु पूरी होने तक रह सकते हैं। राज्य सरकार वरिष्ठतम आईएएस, आईपीएस, विश्वविद्यालय के कुलगुरु, शिक्षाविद् को अध्यक्ष अथवा सदस्य नियुक्त करती है। नियुक्ति से पहले सेना और पुलिस इंटीलेजेंस से संबंधित व्यक्ति के चाल-चलन और सेवाकाल की रिपोर्ट ली जाती है।
अध्यक्ष उत्कल रंजन साहू की नियुक्ति पिछले वर्ष 12 जून को हुई थी। नियमानुसार 62 वर्ष पूरे होने के कारण उनका कार्यकाल 19 जून को खत्म होगा। सरकार को उनके स्थान पर नया कार्यवाहक अथवा स्थायी अध्यक्ष नियुक्त करना होगा।
अधिकृत सूत्रों के अनुसार राजस्थान लोक सेवा आयोग अध्यक्ष पद को लेकर अंदरूनी हलचल जारी है। आइएएस-आइपीएस अधिकारियों के अलावा यूनिवर्सिटी-कॉलेज के शिक्षाविद् भी पद पाने की लालसा को लेकर सियासी गलियारों में दौड़धूप कर रहे हैं।
सब इंस्पेक्टर और व्याख्याता भर्ती पेपर लीक मामले में निलंबित बाबूलाल कटारा का कार्यकाल 14 अक्टूबर को पूरा होगा। इससे पहले 8 जुलाई को सदस्य कैलाशचंद मीणा और 31 जुलाई को डॉ. अशोक कुमार कलवार का कार्यकाल खत्म होगा। इनके बाद प्रो. अयूब खान, लेफ्टिनेंट कर्नल केसरी सिंह, डॉ. सुशील कुमार बिस्सू और हेमंत प्रियदर्शी ही सदस्य रहेंगे।
डॉ.संगीता आर्य, डॉ. मंजू शर्मा के इस्तीफे और साल 2024 में जसवंत राठी के निधन के चलते सदस्यों के तीन पद पहले ही रिक्त हैं। वहीं आगामी 19 जून को वर्तमान अध्यक्ष यूआर साहू का कार्यकाल पूर्ण होने पर यह पद भी रिक्त हो जाएगा।