
अजमेर। राजस्थान लोक सेवा आयोग की सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा-2021 विवादों में है। पूर्व सदस्य रामूराम राईका सहित उसके पुत्र-पुत्री को गिरफ्तार करने और पूर्व में 63 अभ्यर्थियों की गिरफ्तारी से परीक्षा की निष्पक्षता कठघरे में है। ऐसे में सरकार और एसआईटी के लिए आयोग के अंदरूनी नेटवर्क को खंगालना जरूरी हो गया है।
आयोग ने 13 से 15 सितंबर 2021 तक सब इंस्पेक्टर-प्लाटून कमांडर पुलिस प्रतियोगी परीक्षा कराई थी। इसमें 7.97 लाख आवेदन मिले थे, जबकि परीक्षा में मात्र 3.83 लाख अभ्यर्थी बैठे। लिखित परीक्षा के बाद 20 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी शारीरिक दक्षता के पात्र घोषित हुए। यह परीक्षा पुलिस मुख्यालय ने कराई थी। इसके बाद आयोग ने पिछले साल 3293 पात्र अभ्यर्थियों के साक्षात्कार कराए।
एसआईटी ने 6 मार्च को आरपीए से 14 ट्रेनी एसआई को पकड़ा था। एसआईटी का मानना था कि इन तक परीक्षा से पहले पेपर पहुंच चुका था। इसके बाद गिरतारी का सिलसिला बढ़ते 63 तक पहुंच गया। अब पूर्व सदस्य रामूराम राईका सहित उसके पुत्र देवेश और पुत्री शोभा को गिरतार कर लिया गया है।
किस सदस्य ने तैयार कराया था एसआई भर्ती का पेपर
पेपर लीक की जानकारी मिलने पर क्यों निरस्त नहीं हुई परीक्षा
आयोग से किस स्तर पर हुआ पेपर लीक
साक्षात्कार बोर्ड में शामिल सदस्यों-विशेषज्ञों की भूमिका
परीक्षा और साक्षात्कार में दिए गए अंकों की जांच
आरएएस-2013 में पेपर लीक और प्रिंटिंग प्रेस तक पहुंचने के कारण पूर्व चेयरमैन हबीब खान गौरान घिर गए। यह परीक्षा सरकार-आयोग को निरस्त करनी पड़ी। गौरान के कार्यकाल में पुत्री का आरजेएस में चयन होने पर विवाद बढ़ा। सरकार ने आयोग से आरजेएस परीक्षा छीनकर हाईकोर्ट को सौंपी। आरएएस 2018 के साक्षात्कार 2021 में कराए गए। इस दौरान एसीबी ने तत्कालीन लेखाधिकारी सज्जनसिंह गुर्जर को एक लाख की नकदी और 22 लाख के डमी नोट के साथ ट्रेप किया था।
वरिष्ठ अध्यापक भर्ती-2022 के पेपर लीक मामले में एसओजी ने 18 अप्रेल 2023 को आयोग के निलंबित सदस्य बाबूलाल कटारा, बर्खास्त ड्राइवर गोपाल सिंह और विजय कटारा को गिरतार किया था। अधिशासी अधिकारी भर्ती परीक्षा-2022 घूसकांड मामले में एसीबी ने 12-13 मार्च को दो सदस्यों से पूछताछ की थी। आरएएस 2018 के साक्षात्कार में दो अभ्यर्थियों को 80-80 अंक दिए जाने का मामला उछला था।