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अजमेर.
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की ओर से विगत दो वर्षों से महिला शक्ति को साधने में जुटी है। संघ के महिला संगठनों के माध्यम से महिलाओं की सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों के साथ भूमिका बढ़ाने प्रयास किया गया है। संघ प्रमुख की ओर से राजस्थान में विगत महीनों महिला शक्ति संगठनों के साथ बैठक में भी इसके संकेत दिए गए थे।
संघ की प्रमुख शाखाओं एवं कार्यक्रमों में पुरुष वर्ग पर ही खास फोकस रहा है। हालांकि राष्ट्र सेविका समिति की ओर से गतिविधियां तो पूर्व में ही संचालित रही है मगर अब मातृ शक्ति को जोडऩे के लिए सार्वजनिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। राष्ट्रीय सेविका समिति एवं दुर्गा वाहिनी की ओर से महिलाओं को संगठित करने का जिम्मा सौंपा गया है।
राष्ट्रीय सेविका समिति एवं दुर्गा वाहिनी की ओर से युवतियों का जोडकऱ उनमें राष्ट्र भक्ति का भाव जागृत करने का प्रयास किया जा रहा है।
परिवार एवं घर में संघमय वातावरण बनाने के लिए आवश्यक है कि नारी शक्ति को जागृत किया जाए। इनमें कई पदाधिकारी ऐसी हैं जो शक्ति प्रदर्शन के रूप में पूर्व में तलवार, लाठी आदि का प्रशिक्षण ले चुकी हैं।
मगर नारी शक्ति के प्रदर्शन को लेकर अब रणनीति में बदलाव किया गया है। विश्व हिन्दू परिषद/ राष्ट्रीय सेविका समिति एवं दुर्गा वहिनी के माध्यम से महिलाओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इनमें कई महिला पदाधिकारी बरसों से अन्य क्षेत्रों में सक्रिय रहकर भागीदारी निभा रही हैं। मगर खास बात यह है कि देशभर में बदले राजनीतिक परिदृश्य को म²ेनजर महिला संगठन को और प्रभावी बनाया जा रहा है।