अजमेर

Rto : चालान के डर से डेढ़ गुना तक बढ़ी लाइसेंस बनवाने वालों की तादाद

आरटीओ कार्यालय में लगने लगी कतारें, पहले रोज करीब 60 रजिस्ट्रेशन होते थे अब संख्या पहुंची 90 तक
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Updated: 17 Sep 2019, 11:28 AM IST
RTO : No more license for driving license in RTO office
RTO : No more license for driving license in RTO office

अजमेर. देश में नए मोटर वाहन अधिनियम (New motor vehicle act) के तहत जुर्माना राशि बढ़ाने और लाइसेंस में आठवीं पास की बाध्यता समाप्त होने से जिला परिवहन कार्यालय (District Transport Office) में लाइसेंस बनवाने वालों की संख्या डेढ़ गुना पहुंच गई है। हालांकि राजस्थान में चालान कम्पाउंड की अधिसूचना जारी होना अभी शेष है। इसके बावजूद लाइसेंस बनवाने वालों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है।
प्रादेशिक परिवहन कार्यालय में इन दिनों लर्निंग लाइसेंस बनवाने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है। स्थिति यह है कि नया मोटर व्हीकल एक्ट 11 जुलाई 2019 से लागू हुआ है। इसमें बिना लाइसेंस वाहन चलाने, बिना इश्यारेंस वाहन चलाने (Driving a non-insurance vehicle,), बिना पॉल्यूशन प्रमाण पत्र आदि की जुर्माना राशि कई गुणा बढ़ गई है। हालांकि राजस्थान में चालान कम्पाउंड की अधिसूचना जारी नहीं हुई है। भय के कारण भी कई लोग अपना लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए पहुंचने लगे हैं। पहले प्रतिदिन 60 लोग लर्निंग लाइसेंस के ऑनलाइन (60 people learning license online) रजिस्ट्रेशन कराते थे, जिनकी संख्या अब 90 तक पहुंच गई है। इनकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

आठवीं पास की बाध्यता हुई समाप्त
लाइसेंस बनवाने के लिए 2003 से आठवीं पास की बाध्यता थी। इसके कारण कई लोग लाइसेंस नहीं बनवा पा रहे थे। यह बाध्यता एक सितम्बर 2019 को समाप्त होने से लर्निंग लाइसेंस बनाने वालों की संख्या बढ़ी है।

यह भी हुआ संशोधन

परिवहन विभाग के अनुसार 30 साल तक के व्यक्ति का लाइसेंस बनवाने पर 40 साल तक का ही लाइसेंस बनेगा। इसी प्रकार 30 से अधिक और 50 साल तक के व्यक्ति का लाइसेंस सिर्फ दस साल का लाइसेंस बनेगा। 50 से अधिक और 55 साल तक का लाइसेंस 60 वर्ष तक का बनाया जाएगा। 55 से अधिक उम्र से व्यक्ति का लाइसेंस 5-5 साल के लिए रिन्यू अथवा नया बनाया जाएगा।
यहां लाइसेंस की अवधि बढ़ाई

परिवहन विभाग की ओर से ट्रांसपोर्ट व्हीकल (Transport vehicle from Transport Department) के ड्राइवर का तीन साल के लिए लाइसेंस बनता था, जिसे अब पांच साल के लिए कर दिया गया है। इसी प्रकार टैंकर और गैंस टैंकर आदि के लिए एक साल का लाइसेंस बनता था, जिसे अब तीन साल के लिए कर दिया गया है।

इनका कहना है...

लर्निंग लाइसेंस बनवाने वालों की संख्या डेढ़ गुना तक बढ़ गई है। आठवीं पास की बाध्यता भी समाप्त होने से इसमें इजाफा हुआ है।
- खेमसिंह, जिला परिवहन अधिकारी (प्रथम) अजमेर

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