
अजमेर. कुएं और बावड़ी जमीन का जलस्तर बढ़ाने में मददगार हैं। हमें प्राचीन जलस्त्रोतों को बर्बाद करने के बजाय इनकी उपयोगिता समझनी चाहिए। यह बात राज्यसभा सांसद डॉ. भूपेंद्र यादव ने सोफिया कॉलेज में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में कही।
वॉटर ए फोकस ऑन द फ्यूचर एंड इनोवेशन विषय आधारित सम्मेलन में डॉ. यादव ने कहा कि पानी दुनिया का सबसे बड़ा मुद्दा है। सभी विकसित और विकासशील पानी की कमी से परेशान हैं। ग्लोबल वार्मिंग और अंधाधुंध विकास ने पानी को सर्वाधिक नुकसान पहुंचाया है। भारत भी इनमें शामिल है। हमारी प्रमुख और सहायक नदियों में प्रदूषण बढ़ गया है। कई पारंपरिक बावड़ी, तालाब, जोहड़ और कुएं बर्बाद हो चुके हैं। जबकि यह भूजल स्तर कोबढ़ाने में सहायक हैं। इससे पहले प्राचार्य डॉ. सिस्टर पर्ल ने स्वागत किया। संयोजक डॉ. ज्योति चंदेल ने धन्यवाद दिया।
बोतलबंद पानी घातक
बोस्टन के डॉ. हरमीत भाटिया ने कहा कि बोतलबंद पानी स्वास्थ्य के लिए घातक है। आर-ओ का पानी तो शरीर में विटामिन बी-12 को खत्म करता है। बरसात और प्राकृतिक जलाशयों का पानी ही हमारे लिए फायदेमंद हैं। अहमदाबाद की डॉ. वंदना पांडेय ने कहा कि महिलाएं रसोईघर कार्यों के पानी को बचाकर उद्यानिकी अथवा फिल्टर से साफ कर दोबारा उपयोग कर सकती हैं। सम्मेलन में तन्मय शर्मा, अनुराधा त्रिपाठी, प्रहलाद पारीक, डॉ. आशुतोष व्यास, रमेश यादवर ने भी विचार व्यक्त किए।
यह करें उपाय
-बरसात के पानी का करें संग्रहण
-जहां भी देखें तत्काल रोकें पानी की बर्बादी
-करें कुएं, बावड़ी, तालाब का जीर्णोद्धार
-कारखानों में जल स्वच्छता के लिए लगें ट्रीटमेंट प्लांट
-नदियों-झीलों-तालाबों में रोकें गंदे पानी की आवक
कनिष्ठ लिपिक भर्ती में जोड़ें एससी-एसटी के1211 बैकलॉग पद
अजमेर. विधायक अनिता भदेल ने कनिष्ठ लिपिक भर्ती-2013 में अनुसूचित और अनुसूचित जनजाति के बैकलॉग पदों को जोडकऱ नई भर्ती निकालने की मांग की है।
भदेल ने स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए कहा कि राजस्थान लोक सेवा आयोग के तत्वावधान में आयोजित कनिष्ठ लिपिक भर्ती-2013 में 7 हजार 773 पद थे। इनमें अनुसूचित जाति के 1138 और अनुसूचित जनजाति के 857 पद थे। आयोग ने लिखित परीक्षा 23 अक्टूबर 2016 और टंकरण दक्षता परीक्षा 7-8 मार्च 2017 को कराई। परिणाम जुलाई में घोषित किया गया।अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के 1995 में से 784 को ही नियुक्ति मिली है।