गैंगस्टर लॉरेन्स विश्नोई के नाबालिग शूटर के पास मोबाइल की मौजूदगी व धमकीभरे कॉल की थी सूचना
अजमेर. सुभाषनगर स्थित बाल सुधार गृह में गुरुवार रात जिला पुलिस की टीम ने अचानक दबिश दी। बाल सुधार गृह के सुरक्षा होम में मोबाइल की मौजूदगी की सूचना पर करीब 2 घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन पुलिस को कामयाबी नहीं मिली।
पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र कुमार विश्नोई की सूचना पर रामगंज थाना पुलिस, जिला स्पेशल टीम व साइबर सेल ने बाल सुधार गृह पहुंच बालअपचारियों के कमरों की तलाशी ली। पुलिस ने सुधार गृह के सेफ्टी होम में रह रहे 13 बालअपचारियों के सामान को खंगाला। पुलिस को सूचना मिली थी कि नागौर जिले का बालअपचारी सेफ्टी होम में मोबाइल इस्तेमाल कर रहा है। पुलिस ने उससे पूछताछ की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। आखिर पुलिस टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा।
जिला पुलिस को बाल सुधार गृह के सेफ्टी होम में रह रहे गैंगस्टर लॉरेन्स विश्नोई के नाबालिग शूटर के पास मोबाइल की मौजूदगी व लगातार कॉल करके धमकाने की शिकायत मिली थी। इस पर रामगंज थानाप्रभारी रविन्द्रसिंह खींची के नेतृत्व में सर्च अभियान चलाया गया।
गैंगस्टर लॉरेन्स विश्नोई गैंग से जुड़ा बालअपचारी जयपुर बाल सुधार गृह को तोड़कर भागा था। उसे बिहार पुलिस ने नेपाल बॉर्डर पर साइबर क्राइम में पकड़ा था। आरोपी बॉर्डर क्रॉस करके नेपाल भागने की फिराक में था। राजस्थान पुलिस ने उसे बिहार से प्रोडक्शन वारंट पर पकड़ा। इसके बाद उसे अजमेर के बाल सुधार गृह में रखा गया है।
बाल सुधार गृह में नागौर व अजमेर जिले में जघन्य अपराध में लिप्त किशोर को सेफ्टी होम में पृथक कमरों में रखा जाता है। अजमेर बाल सुधार गृह में अभी 36 बाल अपचारी है। इसमें 13 जघन्य अपराध में लिप्त हैं। जिन्हें सेफ्टी होम में रखा जाता है। बाकि 23 विधि से संघर्षरत बालक हैं, जिनको बाल सुधार गृह में पृथक से रखा जाता है।
कुछ गम्भीर अपराध से जुड़े बालअपचारी अजमेर बाल सुधार गृह में रखे गए हैं। मुख्यालय के आदेश पर सामान्य सर्च था। कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली।- देवेन्द्र कुमार विश्नोई, एसपी, अजमेर