अजमेर

pan masala ban : कहीं पाबंदी का दिखा असर, कहीं धड़ल्ले से हुई बिक्री

हानिकारक तत्वों वाले पान-मसाले व फ्लेवर्ड सुपारी पर बैन का मामला, कई जगह सख्ती के चलते बंद नजर आईं थडिय़ां, संचालक रहे नदारद

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Oct 04, 2019
pan masala ban : कहीं पाबंदी का दिखा असर, कहीं धड़ल्ले से हुई बिक्री

अजमेर.

प्रदेश में हानिकारक तत्वों वाले पान मसाले और फ्लेवर्ड सुपारी पर बैन की घोषणा के बाद गुरुवार को शहर में मिले-जुले हालात नजर आए। कहीं प्रशासन की सख्ती के चलते गुटखा, पान सुपारी की थडिय़ां बंद नजर आईं तो कहीं उनमें तम्बाकू जनित उत्पाद नजर नहीं आए।

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इन थडिय़ों पर इक्का-दुक्का ग्राहक पहुंचे भी तो इनके संचालकों ने पान मसाले से जुड़े उत्पाद खत्म होने या फिर इनकी बिक्री बंद हो जाने की जानकारी दी। वहीं कई जगह इनकी बिक्री बदस्तूर जारी रही, हालांकि इसके लिए ग्राहकों को मुंहमांगे दाम देने पड़े। पत्रिका टीम ने शहर में पान-मसाले और सुपारी की थडिय़ों का जायजा लिया तो थड़ी संचालकों और ग्राहकों के कुछ ऐसे विचार सामने आए।

अभी 15 दिन पहले ही थड़ी लगाई थी। अब सरकार ने पान-मसाला व फ्लेवर्ड सुपारी पर रोक लगा दी है। ऐसे में पुराने स्टॉक को फैंकना पड़ेगा। इससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ गया है।

योगेश कुमार, थड़ी संचालक

सरकार का निर्णय स्वागत योग्य है। पान-मसाला स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है। लोग अनजाने में इसे खाकर अपनी जिंदगी खराब कर लेते हैं। सरकार को बहुत पहले ही इस पर रोक लगा देनी चाहिए थी।

राजू प्रजापत, शहरवासी

चाय की होटल पर नौकरी करता था। दो साल पहले एक दुर्घटना में पैर चोटिल हो गए। डॉ. साहब ने मजदूरी की बजाय अपना काम करने की सलाह दी तो कर्जा लेकर थड़ी लगा ली। अब ये भी नुकसान का सौदा साबित हो रही है।

अजीत कुमार आसवानी, थड़ी संचालक

सरकार की ओर से पान-मसाले पर रोक सराहनीय कदम है। इसकी फैक्ट्रियों पर ही पाबंदी रहेगी तो बिक्री अपने आप बंद हो जाएगी। गरीब थड़ी संचालकों के रोजगार का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

पप्पू वर्मा, कबाड़ी

युवा पीढ़ी पान-मसाले और सुपारी की गिरफ्त में आ रही थी। छोटे बच्चे भी सुपारी और हानिकारक गुटखा खाते थे। ऐसे में सरकार ने इस पर रोक लगाकर अच्छा काम किया है।

मयूर, स्टूडेंट

अभी 15 दिन पहले ही थड़ी लगाई थी। हालांकि अधिक माल नहीं मंगवाया था, लेकिन फिर भी नुकसान तो हुआ है। पान-मसाला बेचना पूरी तरह बंद कर दिया है। भले ही कितना भी नुकसान हो जाए।

अर्जुन परिहार, थड़ी संचालक

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Published on:
04 Oct 2019 02:35 am
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