अजमेर

छात्रसंघ चुनाव में ठोकी बागियों ने ताल, लगाए टिकट बेचने के आरोप

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Aug 26, 2018
revolt in nsui and abvp
revolt in nsui and abvp

रक्तिम तिवारी/अजमेर.

छात्रसंघ चुनाव के नामांकन में इस बार बागियों ने जबरदस्त ताल ठोकी है। एनएसयूआई और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के साथ जुड़े कई छात्र-छात्राओं ने टिकट कटने पर बगावत कर दी। नाराज छात्र-छात्राओं ने दोनों ही संगठनों के पदाधिकारियों पर टिकट बेचने के आरोप भी लगा दिए। इसके अलावा कई प्रत्याशियों ने परस्परआपत्तियां दी। अब 27 अगस्त को नाम वापसी के बाद ही असली तस्वीर सामने आएगी।

टिकट कटा तो हुए बागी

महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से टिकट की आस लगाए बैठे पंकज रुलानिया ने निर्दलीय पर्चा भरा। विद्यार्थी परिषद ने यहां से लोकेश गोदारा को टिकट दिया है। गोदारा पिछले कई दिनों से एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के साथ जुड़े हुए थे। जबकि रुलानिया विद्यार्थी परिषद से जुड़े हुए थे। यहां से एनएसयूआई ने हेमंत धनवानी को मैदान में उतारा है।

छात्राओं ने उतारा पूरा पैनल

इसी तरह राजकीय कन्या महाविद्यालय में विद्यार्थी परिषद के टिकट नहीं देने से स्वस्ति आर्य और उनके समर्थक खफा हो गए। आर्य ने अध्यक्ष पद पर पर्चा भरा। जबकि मालती दौलिया ने उपाध्यक्ष, पूजा जांगिड़ ने महासचिव और काजल बागड़ी ने संयुक्त सचिव पद पर ताल ठोकी है।

बेचा चार लाख में टिकट!

8 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों वाले सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय में बागी-निर्दलीय प्रत्याशियों ने दोनों ही छात्र संगठनों पर टिकट बेचने के आरोप लगाए। खुद को एनएसयूआई प्रत्याशी बताकर लोकेश खिडिय़ा (कवि) ने अध्यक्ष पद का पर्चा भरा। खिडिय़ा ने कहा कि संगठन पदाधिकारियों ने चार लाख रुपए में टिकट बेचे हैं। जबकि उनके जैसे कार्यकर्ताओं ने यहां एनएसयूआई को सींचा है। इसी तरह शयंक यादव ने भी खुद को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का प्रत्याशी बताकर अध्यक्ष पद का पर्चा भरा। यादव ने बताया कि उन्हें महानगर सह मंत्री यश राणा और अन्य का पत्र मिला है। उधर विद्यार्थी परिषद के महानगर मंत्री मेहुल गर्ग का कहना है कि एसपीसी-जीसीए से पियूष सिवासिया ही अध्यक्ष पद के अधिकृत प्रत्याशी हैं। अन्य कोई प्रत्याशी को टिकट नहीं दिया गया है। कई प्रत्याशियों ने विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों पर टिकट बेचने के आरोप लगाए।

दयानंद कॉलेज में भी बगावत

बगावत से दयानंद कॉलेज भी अछूता नहीं रहा। यहां एनएसयूआई से टिकट नहीं मिलने पर सुरेंद्र मेहरिया और विक्रम सिंह ने अध्यक्ष, अभिषेक ने उपाध्यक्ष, खालिद खान ने महासचिव, वैभव मीणा ने संयुक्त सचिव पद पर नामांकन भरा। जबकि एनएसयूआई ने यहां से श्याम विश्नोई को अध्यक्ष पद का दावेदार बनाया है।

एकाएक बदल गई प्रत्याशी

एसपीसी-जीसीए में एनएसयूआई ने मानसी सैनी को उपाध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाया था। जबरदस्त कश्मकश के बाद शनिवार सुबह पायल जैन को उपाध्यक्ष पद का टिकट दिया गया। इसके बावजूद सैनी ने पर्दा भरा।

27 को सामने आएगी तस्वीर..

नामांकन के बाद कई प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने परस्पर आपत्तियां दी। इनमें थाने में दर्ज मुकदमे, परीक्षा में बैक आने, सम्पत्ति विरुपण अधिनियम में मुकदमा और अन्य शिकायतें शामिल हैं। अनुशासन समिति, विधि परामर्शी और निर्वाचन मंडल ने इनकी जांच की। अब 27 अगस्त को सुबह 10 बजे नामांकन सूची जारी होगी। इसी दिन सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक प्रत्याशी वापस नाम ले सकेंगे। अंतिम नामांकन सूची दोपहर 2 से शाम 5 बजे जारी होगी। इसके बाद ही असली तस्वीर सामने आएगी।

Updated on:
25 Aug 2018 04:43 pm
Published on:
26 Aug 2018 05:16 pm