
अजमेर.
चौरसियावास क्षेत्र में एक कृषि भूमि बेचने के नाम पर एक लाख रुपए की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। पीडि़त ने इस संबंध में अदालत में परिवाद दायर कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अदालत ने परिवाद के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच करने के आदेश पुलिस को दिए हैं।
परिवादी चौरसियावास निवासी मोटा पुत्र समदा चीता ने वकील सुरेश गुर्जर के जरिए प्रस्तुत परिवाद में तेजा, मेहरबान, मनोज, कैलाश बंजारा, शिवा बंजारा आनासागर घाटी बंजारा बस्ती निवासी व देवकरण रसूलपुरा निवासी को आरोपित बनाया है।
बताया गया कि परिवादी का मौसी का लडक़ा तेजा 18 सितम्बर 1993 को आया और एक लाख रुपए की जरुरत बताई। इसके लिए वह उसकी कृषि भूमि का आधा हिस्सा बेचान करना चाहता है इस पर परिवादी की सहमति से इकरारनामा परिवादी के पक्ष में तैयार कर लाया।
परिवादी तभी से उक्त भूमि पर कब्जा काश्त करता आ रहा है। फरवरी माह में जब परिवादी ने उक्त भूमि की रजिस्ट्री करवाने को कहा तो अन्य आरोपित संख्या दो ने कहा कि सात लाख रुपए देने पर ही रजिस्ट्री कराने की बात कही अन्यथा जमीन कैलाश को बेचने की धमकी दी।
16 सितम्बर 2018 को जब परिवादी जमीन पर साफ सफाई कर रहा था तो आरोपित कैलाश बंजारा, देवकरण, मनोज व मेहरबान ने कहा कि यह जमीन कैलाश बंजारा ने शिवा बंजारा को बेचकर रजिस्ट्री करवा दी है। दोबारा यहां दिखे तो हाथ पांव तोड़ देंगे।
परिवादी ने आरोपितों पर धोखाधड़ी से जमीन हड़पने का आरोप लगाया गया है। परिवादी ने अदालत से मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है।