Hanumangarh Blast Conspiracy: राजस्थान में आतंकी साजिश के नेटवर्क का खुलासा हुआ है। हरियाणा पुलिस ने पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी से संपर्क रखने के आरोप में तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।
Ajmer Terror Link: अजमेर। राजस्थान में आतंकी साजिश के नेटवर्क का खुलासा हुआ है। हरियाणा पुलिस ने पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी से संपर्क रखने के आरोप में तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आरोपी अजमेर के दरगाह क्षेत्र के लौंगिया का रहने वाला है।
पुलिस और खुफिया एजेंसियां मामले की गहन जांच में जुटी हैं और संभावित नेटवर्क व संपर्कों की पड़ताल की जा रही है। जानकारी अनुसार अजमेर के दरगाह लौंगिया इलाके का निवासी अली अकबर उर्फ बाबू बताया गया है। बताया जा रहा है कि आरोपी अजमेर में रात के समय टेंपो चलाने का काम करता था।
बड़े भाई अली अजगर के अनुसार 8 मार्च को अजमेर से बाहर गया था। उस समय उसे करीब एक हजार रुपए दिए गए थे, जिसमें बाद में 500 रुपए का ऑनलाइन ट्रांजैक्शन भी हुआ था। इसके बाद से वह परिवार के संपर्क में नहीं था। सोशल मीडिया के माध्यम से कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। बाद में मीडिया के माध्यम से परिवार को उसके हरियाणा पुलिस द्वारा आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किए जाने की जानकारी मिली। साथ ही उसने कहा कि जिसने भी भाई अली अकबर का माइंड वॉश किया, उसे पकड़ा जाए।
भाई अली असगर ने कहा कि इस घटना से पूरा परिवार सदमे में है। उनका कहना है कि अकबर ज्यादातर लोगों से बातचीत भी नहीं करता था। यदि वह किसी गलत गतिविधि में शामिल पाया जाता है तो कानून के अनुसार उसे सजा मिलनी चाहिए। अली असगर ने कहा- अली अकबर की सोजत (पाली) में 2020 में शादी हुई थी, उसके 2 बच्चे हैं। यह भी नहीं सोचा कि घर का क्या होगा। जब दोनों बच्चे पढ़ने जाएंगे तो लोग कहेंगे कि ये आतंकी के बच्चे हैं। अब मैं भी नौकरी पर जाऊंगा तो कौन देगा?
रविवार तड़के लौंगिया क्षेत्र स्थित उसके घर पर गंज थाना पुलिस भी पहुंची। परिवार से पूछताछ की। पुलिस ने दस्तावेजों और संभावित संपर्कों से संबंधित जानकारी भी जुटाई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से कुछ लोगों के संपर्क में था, जिनकी भी जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस और खुफिया एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस कथित साजिश के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं और इसका नेटवर्क किन क्षेत्रों तक फैला हुआ है।
आरोपियों ने पूछताछ में कबूल किया कि यह आरडीएक्स पाकिस्तान में बैठे आतंकी शहजाद भट्टी के जरिए अमृतसर में मुहैया कराया गया था, जो ड्रोन के माध्यम से पाकिस्तान से पंजाब पहुंचाया गया था। आतंकियों की पहली साजिश राजस्थान के हनुमानगढ़ में बम विस्फोट करने की थी। वहां आईईडी तो पहुंचा दी गई थी, लेकिन आरडीएक्स नहीं पहुंच पाया, जिससे उनकी योजना विफल हो गई थी।