अजमेर

मौसम व विजिलेंस का असर, विद्युत छीजत आई काबू में

अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंची 15.74 : प्रतिशत अजमेर डिस्कॉम की छीजत 17.41 : प्रतिशत छीजत थी पिछले साल 4 : जिलों में छीजत दहाई से कम 12 : सर्किल आते हैं अजमेर डिस्कॉम के तहत

2 min read
Oct 06, 2019
मौसम व विजिलेंस का असर, विद्युत छीजत आई काबू में
ajmer discom,ajmer discom,ajmer discom

अजमेर. अजमेर विद्युत वितरण निगम (ajmer discom) के लिए परेशानी का सबब बनी विद्युत छीजत (power loss) लम्बे समय के बाद अब काबू में आ गई है। पिछले कई दिनों से निगम के तहत आने वाले अजमेर सिटी व जिला सर्किल, नागौर, भीलवाड़ा, सीकर, झुंझुनूं, चित्तौड़, उदयपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा तथा राजसमन्द जिले में हो रही बरसात, चोरी रोकने के लिए विजिलेंस गतिविधियों में आई तेजी व सुधार कार्यों का असर अब नजर आने लगा है। इसका नतीजा है कि विद्युत छीजत अब तक के सबसे निचले स्तर 15.74 प्रतिशत पर आ गई है। भीलवाड़ा, चित्तौड़, डूंगरपुर में तो छीजत 10 प्रतिशत से नीचे आ गई है, जबकि प्रतापगढ़ में छीजत माइनस में चल रही है। निगम के तहत आने वाले 12 में से 8 जिलों में छीजत दहाई में है। निगम ने अप्रेल से सितम्बर तक 102842.81 यूनिट बिजली खरीदी, जबकि 86653.56 करोड़ यूनिट बेची है। वहीं पिछले साल सितम्बर तक निगम की विद्युत छीजत 17.41 प्रतिशत थी। इस दौरान 16593.49 करोड़ यूनिट खरीदी व 13704.45 करोड़ यूनिट बिजली बेची गई।

कहां कितनी विद्युत छीजत

अजमेर सिटी सर्किल में 8.32 प्रतिशत छीजत है। अजमेर जिले में छीजत 11.91 प्रतिशत है। भीलवाड़ा में 7.92 प्रतिशत, नागौर में 35.19 प्रतिशत, उदयपुर में 12.79 प्रतिशत, राजसमन्द में 10.29 प्रतिशत, चित्तौडग़ढ़ में 7.80 प्रतिशत, प्रतापगढ़ में माइनस 2.17 प्रतिशत, बांसवाड़ा में 18.57 प्रतिशत, डूंगरपुर में 5.33 प्रतिशत, झुंझुनंू में 17.22 प्रतिशत तथा सीकर में छीजत 15.87 प्रतिशत है।

इसलिए आई कमी

निगम के तहत आने वाले चित्तौडग़ढ़, प्रतापगढ़, नागौर, सीकर, झुंझुनूं जिले कृषि बाहुल्य हैं। पिछले महीनों में इन जिलों में बरसात के कारण बिजली की मांग में गिरावट आई है। इसके अलावा लॉस रिडक्शसन प्रोग्राम, फीडर सेगरीगेशन प्रोग्राम का भी असर नजर आ रहा है। वहीं पिछले तीन महीनों से विजिलेंस ( vigilance) गतिविधियों में आई तेजी से बिजली चोरी पर भी प्रभावी अंकुश लगा है। इससे छीजत में कमी आई है।

read more:

Updated on:
05 Oct 2019 08:02 pm
Published on:
06 Oct 2019 05:03 am