अजमेर

सावन का सत्कार… जहां पीढ़ियों से गूंज रहा भोलेनाथ का जयकारा, वही है नीलकंठ धाम

Aug 10, 2026
Rajasthan

खण्डार. कस्बे के मीणा मोहल्ले में स्थित प्राचीन नीलकंठ महादेव मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र है। सावन मास में मंदिर का धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है। सुबह से ही श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। मंदिर परिसर में सावन के दौरान हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे गूंजते रहते हैं।स्थानीय लोगों के अनुसार नीलकंठ महादेव मंदिर हजारों वर्ष पुराना है। मंदिर से जुड़ी कई लोक मान्यताएं और गाथाएं पीढ़ियों से सुनाई जाती रही हैं। मान्यता है कि यहां भगवान शिव की आराधना करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। सावन में श्रद्धालु दूर-दूर से यहां पहुंचकर शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करते हैं।
लोकगाथाओं में मंदिर को भगवान शिव की तपस्थली से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि इन मान्यताओं के ऐतिहासिक प्रमाण अलग-अलग रूप में मिलते हैं, लेकिन स्थानीय लोगों की आस्था में नीलकंठ महादेव का विशेष स्थान है। यही कारण है कि सावन के सोमवार को मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है।
मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थल ही नहीं, बल्कि कस्बे की धार्मिक और सामाजिक परंपराओं का भी हिस्सा है। सावन के दौरान यहां होने वाली पूजा और धार्मिक गतिविधियां पुरानी परंपराओं को जीवंत रखती हैं। पीढ़ियों से चली आ रही आस्था आज भी मंदिर को क्षेत्र के प्रमुख शिवधामों में बनाए हुए है।

Updated on:
10 Aug 2026 06:01 am
Published on:
10 Aug 2026 06:01 am