
अजमेर.
दसवीं और बारहवीं सहित यूनिवर्सिटी-कॉलेजकी बकाया परीक्षाओं में इस बार विद्यार्थियों को थर्मल स्कैनर, मेटल डिटेक्टर जांच से गुजरना पड़ सकता है। इसके चलते केंद्रों पर तय समय से पहुंचना जरूरी होगा।
सीबीएसई, राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड सहित केंद्रीय और राज्य स्तरीय यूनिवर्सिटी, इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज समेत अन्य संस्थानों की परीक्षाएं बकाया हैं। इनमें दसवीं-बारहवीं, स्नातक/स्नातकोत्तर, सेमेस्टर परीक्षाएं, नीट, जेईई मेन,जेईई एडवांस, यूजीसी-नेट और अन्य परीक्षाएं शामिल हैं।
जांच के बाद ही प्रवेश
कोरोना संक्रमण की प्रारंभिक जांच के तहत थर्मल स्कैनर से शरीर का तापमान जांचा जाता है। लिहाजा बोर्ड, यूनिवर्सिटी-कॉलेज की बकाया परीक्षाओं में विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्टाफ की थर्मल स्कैनर से जांच करनी जरूरी होगी। परीक्षा केंद्रों पर मुख्य द्वार या स्कैनर की व्यवस्था करनी पड़ेगी। जेईई मेन, नीट, जेईई एडवांस और अन्य परीक्षाओं की तर्ज पर मेटल डिटेक्टर से विद्यार्थियों की जांच कराई जा सकती है।
यूं करनी होगी व्यवस्था
-थर्मल स्कैनर से जांच हुई तो समय से पहले पहुंचना होगा केंद्रों पर
-परीक्षा केंद्रों में मास्क और सेनेटाइजर की व्यवस्था
-सेनेटाइज्ड कराना होगा कमरों-परिसरों को
-प्रतिदिन एक से तीन पारियों में पेपर
इन परीक्षाओं में सामान नहीं ले जाने की इजाजत
नीट, जेईई मेन, जेईई एडवांस, नेट-जेआरएफ और अन्य परीक्षाओं में विद्यार्थियों को सामान ले जाने की इजाजत नहीं होती है। विद्यार्थी घड़ी, वॉलेट, पर्स, ज्योमिट्री बॉक्स, मोबाइल, टिफिन, बैग, किताबें, हेयर पिन, चूड़ी, ईयर रिंग, बैग, वाटर बॉटल, ब्रेसलेट और अन्य सामग्री के बगैर परीक्षा केंद्र जाना होता है।