ब्यावर जिला बने दो साल का समय बीत चुका है। जिला परिषद के वार्ड तय हो चुके हैं। जिला मुख्यालय से सारे काम होने लगे हैं। पोर्टल अब जिला के अनुरूप अपडेट किए जा रहे हैं। लेकिन अब भी पुराने साइन बोर्ड लोगों को भ्रमित कर रहे हैं।
ब्यावर। ब्यावर जिला बने दो साल हो गए हैं। तीसरा स्थापना दिवस सात अगस्त को है। लेकिन नया जिला बनने के बावजूद जिले की सीमाओं पर ब्यावर जिला शुरू या समाप्त होने के कोई साइन बोर्ड आदि नहीं लगे हैं। जबकि बीते दो साल में चार जिला कलक्टर व तीन एसपी बदल गए। जिला गठन के दो साल बाद तक भी कई जिला स्तरीय कार्यालय शुरु नहीं हो सके हैं। शहर की आबादी के अनुपात में संसाधनों का अभाव है।
ब्यावर जिला सृजित होने से पहले ब्यावर शहर की सीमा खत्म होते ही पाली जिले की सरहद शुरू हो जाती है। ऐसे ही पूर्व-दक्षिण दिशा की ओर से शहर से महज पन्द्रह किलोमीटर दूर से राजसमंद जिला शुरू हो जाता है। यह सरहदें अब समाप्त हो गई हैं। ब्यावर जिले की नई सरहदोंं का सीमांकन दो साल पहले हो गया। शहर की कॉलोनियां समाप्त होने के साथ ही नजर आने वाला पाली जिले की सरहद का संकेतक बोर्ड पर अंकित जानकारी हटाकर फुलवारी उकेर दी गई है।
जहां से ब्यावर जिला शुरु हो रहा है वहां नए स्तम्भ या बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। ब्यावर जिला बनने के बाद चार जिला कलक्टर बदल चुके हैं। इनमें रोहिताश्व सिंह तोमर, उत्सव कौशल, महेन्द्रसिंह खडगावत रहे। वर्तमान में कमल राम मीना हैं। जबकि नरेन्द्रसिंह, विनीत बंसल एवं श्यामसिंह पुलिस अधीक्षक रहे। हाल में रतनसिंह पुलिस अधीक्षक पद पर कार्यरत हैं।
ब्यावर जिले की सीमाएं छह जिलों से मिलती हैं। इनमें जोधपुर, पाली, अजमेर, भीलवाडा, राजसमंद व नागौर शामिल हैं। ब्यावर जिले की सीमा जोधपुर रूट पर पृथ्वीपुरा, अजमेर रूट पर खरवा, भीलवाडा की ओर पारा, भीम रूट पर कासिया, पाली रूट पर पिपलिया, राजसमंद रूट पर शेरो का बाला एवं नागौर रूट पर लांबिया तक है। लेकिन इन स्थानों पर अभी तक ब्यावर जिला शुरू होने संबंधी कोई सूचना बोर्ड आदि नहीं है।
ब्यावर जिला बने दो साल का समय बीत चुका है। जिला परिषद के वार्ड तय हो चुके हैं। जिला मुख्यालय से सारे काम होने लगे हैं। पोर्टल अब जिला के अनुरूप अपडेट किए जा रहे हैं। लेकिन अब भी पुराने साइन बोर्ड लोगों को भ्रमित कर रहे हैं।