अजमेर

आरा-तारी कारखाने से तीन नाबालिग मुक्त

पुलिस की मानव तस्करी यूनिट ने दी लौंगिया में दबिश, संचालक के खिलाफ मामला दर्ज
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Jun 30, 2019
Three minors free from the Ara-Tari factory
आरा-तारी कारखाने से तीन नाबालिग मुक्त

अजमेर. सख्त कानून के बावजूद धड़ल्ले से बाल श्रम जारी है। पुलिस की मानव तस्करी यूनिट ने शनिवार को लौंगिया मोहल्ला स्थित आरा-तारी के कारखाने पर छापा मारकर तीन नाबालिग को छुड़ाया। पुलिस ने संचालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मानव तस्करी यूनिट के प्रभारी अशोक विश्नोई ने बताया कि लौंगिया मोहल्ला में आरा-तारी फैक्ट्री संचालित थी। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर मानव तस्करी यूनिट ने फैक्ट्री पर छापा मार कार्रवाई की। यहां 12 से 17 साल के तीन नाबालिग विषम हालात में मजदूरी करते मिले। पुलिस ने तीनों नाबालिग को बरामद किया। साथ ही प. बंगाल निवासी अख्तियार अली को भी मौके से पकड़ा। फैक्ट्री संचालकों के खिलाफ जे.जे एक्ट और आईपीसी की धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है।

रहने लायक नहीं माहौल
अजमेर में आरा-तारी का काम कई वर्षों से जारी है। यहां प. बंगाल, बिहार, झारखंड और अन्य राज्यों से चोरी-छिपे नाबालिग लाए जाते हैं। इन्हें बेहद प्रतिकूल हालात में रखा जाता है। छोटे-छोटे कमरों में कई लोग एकसाथ रहते हैं। पुलिस ने कई बार अजमेर में फैक्ट्रियों पर छापामार कार्रवाई कर बच्चों को छुड़वाया है।

मजदूरी कम, घंटों काम
आरा-तारा फैक्ट्रियों में बच्चों का शोषण किया जा रहा है। नाबालिग को दो से तीन हजार रुपए मजदूरी देकर 15 से 16 घंटे काम कराया जाता है। उनकी शिक्षा-दीक्षा की कोई व्यवस्था नहीं होती है। देश के विभिन्न प्रदेशों के बच्चों से अवैध ढंग से फैक्ट्रियों-ढाबों और होटलों में मजदूरी कराई जाती है।

पुलिस चला रही है ऑपरेशन
विश्नोई ने बताया कि पुलिस महानिदेशक और एस.पी. के निर्देश पर अजमेर जिले में ऑपरेशन खुशी चलाया जा रहा है। इसमें अवैध तरीके से फैक्ट्रियों, होटलों में कार्यरत बाल श्रमिकों को मुक्त कराना है। ऑपरेशन खुशी के तहत मानव तस्करी यूनिट ने कई जगह छापा मार कार्रवाई की है।

Published on:
30 Jun 2019 06:01 am