
अजमेर। जयपुर-असरवा एक्सप्रेस में बम होने की सूचना ने मंगलवार देर रात अजमेर रेलवे स्टेशन पर अफरा-तफरी मचा दी। ट्रेन के अजमेर पहुंचते ही सुरक्षा एजेंसियों ने प्लेटफॉर्म को खाली करवा दिया। इसके बाद ट्रेन के रुकते ही यात्रियों को नीचे उतारा गया। जनरल कोच समेत पूरी ट्रेन की गहनता से तलाशी ली गई। करीब एक घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। तब जाकर सुरक्षा एजेंसियों ने राहत की सांस ली। पुलिस ने बम की झूठी सूचना देने वाले नाथद्वारा निवासी यात्री नंदलाल को डिटेन किया है। पकड़ा गया यात्री पहले भी जयपुर आयुक्तालय को बम से उड़ाने की धमकी दे चुका है
जांच में सामने आया कि यात्री ने जिस जनरल कोच में सफर किया था, उसी में बम होने की सूचना दी थी। पुलिस के अनुसार आरोपी गांधी नगर स्टेशन से ट्रेन में सवार हुआ था। कुछ देर बाद उसने जीआरपी को फोन कर ट्रेन में बम होने की जानकारी दी। सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस और जिला पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया।
जयपुर-असरवा एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12981) का अजमेर पहुंचने का निर्धारित समय रात 10:45 बजे है, लेकिन मंगलवार रात ट्रेन चार मिनट पहले 10:41 बजे ही प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर पहुंच गई। इससे पहले रात करीब 10:15 बजे जीआरपी को जनरल कोच में बम होने की सूचना मिली थी। सुरक्षा के मद्देनजर प्लेटफॉर्म खाली करवाया गया। ट्रेन से यात्रियों को नीचे उतारने के बाद बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड ने डिब्बों की जांच की। एटीएस, सीआईडी जोन अजमेर, जीआरपी और आरपीएफ की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। करीब एक घंटे तक चली जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। इसके बाद यात्रियों को वापस ट्रेन में बैठाया गया और रात 11:40 बजे ट्रेन को रवाना किया गया।
पुलिस के मुताबिक, यात्री शराब के नशे में था। उसने पूछताछ में बताया कि गांधी नगर स्टेशन पर ट्रेन में सवार होने के दौरान उसने कुछ लोगों को बातचीत करते सुना था। इसी आधार पर उसने बम होने की सूचना दे दी। हालांकि, पुलिस उसके बयान की जांच कर रही है। साथ ही उसकी पुरानी हिस्ट्री भी खंगाली जा रही है।
जीआरपी थाना एसएचओ इंदुबाला शर्मा के अनुसार, बम की सूचना देने वाले यात्री नंदलाल को डिटेन कर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी पहले भी जयपुर आयुक्तालय को बम से उड़ाने की धमकी दे चुका है। इस संबंध में उसके खिलाफ पूर्व में भी मामला दर्ज है।