
गरीब नवाज की दरगाह के निजाम गेट के बाद शाहजहांनी गेट है। इसी तरह खादिमों के अंजुमन कार्यालय के सामने छतरी गेट है। इन दोनों गेट की चौड़ाई बहुत कम है। सालाना उर्स, मिनी उर्स सहित महाना छठी पर जायरीन की आवक ज्यादा होती है। इन दोनों गेट की चौड़ाई कम होने से जायरीन को आवाजाही में परेशानी होती है। उर्स के छह दिन के दौरान तो ज्यादा मुश्किल होती है। मुंबई और अन्य इलाकों से आने वाले स्वयं सेवकों की सहायता से व्यवस्था सुचारू रह पाती है।
अब चौड़े होंगे दोनों गेट
दरगाह कमेटी के सदर अमीन पठान और अंजुमन के सचिव वाहिद हुसैन अंगारा ने गुरुवार को शाहजहांनी और छतरी गेट का निरीक्षण किया। कमेटी और अंजुमन के बीच दोनों गेट चौड़े करने को लेकर सहमति बन गई। सदर पठान ने बताया कि अगले वर्ष उर्स से पहले दोनों गेट चौड़े किए जाएंगे। इसका कार्य जल्द प्रारंभ होगा।