
अजमेर.
ख्वाजा गरीब नवाज के उर्स में देहली गेट से दरगाह तक जुलूस व ढोल नगाड़ों के साथ चादर ले जाने पर मनाही रहेगी। जिला कलक्टर विश्व मोहन शर्मा ने बताया कि उर्स में आने वाले जायरीन चादरों को जुलूस के रूप में ढोल नगाड़े, बैंड बाजे के साथ शहर के विभिन्न् मार्गों से होते हुए दरगाह तक ले जाते हैं। इस कारण उर्स में आने वाले अन्य जायरीन को परेशानी होती है। देहली गेट से आगे चादर जुलूस व ढोल नगाड़ों के साथ नहीं ले जाने का आग्रह किया गया है।
दरगाह परिसर में कांच के ग्लास व बोतल पर प्रतिबंध
कलक्टर शर्मा ने बताया कि धक्का मुक्की होने की स्थिति में कांच के जमीन पर गिरकर फूटने से जायरीन के घायल होने की आशंका बनी रहती है। इसलिए उर्स में कोई भी व्यक्ति कांच के ग्लास एवं बोतल में चाय, गुलाब जल या अन्य कोई पदार्थ लेकर दरगाह परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेगा।
कार्यपालक मजिस्ट्रेट नियुक्त
807वें उर्स का झंडा 3 मार्च को बुलन्द दरवाजे पर चढ़ाया जाएगा। इस दौरान कानून एवं शान्ति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला रसद अधिकारी संजय कुमार माथुर एवं तहसीलदार ओमप्रकाश सोनी को कार्यपालक मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है।