Urs Khwaja Garib Nawaz: विश्व प्रसिद्ध सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में इन दिनों मेहमानों को उर्स का दावतनामा भेजे जाने का कार्य चल रहा है। खादिम समुदाय की ओर से यह दावतनामा तैयार किया गया है जिसमें गरीब नवाज के आने वाले सालाना उर्स की तारीख और उर्स के दौरान होने वाली रस्मों की जानकारी दी गई है। इस दावतनामा के साथ ही अकीदतमंद को दरगाह का धागा और तबर्रुक भी भेजा जा रहा है।
अजमेर. सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का उर्स (Urs of Khwaja Garib Nawaz) पांच महीने बाद अगले साल फरवरी में आयोजित होगा। लेकिन दरगाह (ajmer dargah) के खादिमों (khadim) ने उर्स की तैयारियां अभी से शुरू कर दी हैं। खादिमों की ओर से उर्स का बाकायदा दावतनामा छपवाया गया है जिसमें उर्स की तारीख व उर्स के दौरान होने वाली रस्मों की जानकारी दी गई है। इसे देश-विदेश में रहने वाले मेहमानों को भेजा जा रहा है।
दावतनामा के अनुसार गरीब नवाज का उर्स 24 फरवरी से शुरू होगा। इससे पांच दिन पहले उर्स का झंडा चढ़ाए जाने की रस्म अदा की जाएगी। उर्स में शिरकत करने के लिए देश-विदेश से लाखों जायरीन अजमेर आते हैं। इसके लिए उन्हें काफी समय से पहले ही हवाई जहाज या ट्रेन का टिकट बुक करना पड़ता है। होटल या गेस्ट हाउस में रूम बुक करवाने पड़ते हैं। कई लोग ऐसे भी हैं जो उर्स में चादर पेश करने के लिए पैदल भी आते हैं। ऐसे लोगों को पांच महीने पहले ही उर्स की जानकारी देने के लिए खादिमों की ओर से उर्स का दावतनामा भेजा जा रहा है।
इसमें धागा और तबर्रुक भी पैक किया जा रहा है ताकि कोई उर्स में न आ सके व अपने खादिम के माध्यम से चादर पेश करवा सके। खादिम सैयद कुतबुद्दीन सकी ने बताया कि उर्स की संभावित तिथि 24 फरवरी है, रजब का चांद दिखाई देने पर उर्स की शुरुआत 25 फरवरी से भी हो सकती है। बॉलीवुड की तरफ से मजार शरीफ पर चादर 26 फरवरी को पेश की जाएगी।
दावतानामा के अनुसार यह रहेगा उर्स का कार्यक्रम
20 फरवरी 2020 को बुलंद दरवाजे पर झंडे की रस्म अदा की जाएगी
24 फरवरी 2020 को - जन्नती दरवाजा खोला जाएगा, उर्स की शुरुआत
26 फरवरी 2020 को - बॉलीवुड की चादर पेश की जाएगी।
28 फरवरी 2020 को - जुमे की नमाज
28 फरवरी 2020 को - महफिल-ए-कव्वाली
2 मार्च 2020 को ख्वाजा साहब की महाना छठी, कुल की रस्म
5 मार्च 2020 को बड़े कुल की रस्म