
Waqf Amendment Bill 2024 : वक्फ संशोधन बिल लोकसभा में पास हो गया है। आज राज्यसभा में पेश किया गया है। इस पर पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार चर्चा हो रही है। अजमेर में ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह के दीवान सैयद जैनुअल आबेदीन के पुत्र सैयद नसीरुद्दीन ने वक्फ संशोधन बिल को लेकर बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि वक्फ संशोधन बिल से पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार में कमी होगी। यह बात उन्होंने बुधवार को वक्फ संशोधन बिल-2024 को लेकर कही।
सैयद नसीरुद्दीन ने कहा कि केंद्र सरकार का वक्फ संशोधन बिल कई मायनों में ठीक है। कई जगह वक्फ संपत्तियों में व्याप्त भ्रष्टाचार में कमी होगी। सपत्तियों के इस्तेमाल, आय-व्यय के ब्यौरे से पारदर्शिता बढ़ेगी। कई लोग वक्फ बिल को लेकर गुमराह कर रहे हैं। बिल में निहित प्रावधानों का अध्ययन और उसके परिणाम को लेकर कोई त्वरित राय नहीं बनानी चाहिए।
सैयद नसीरुद्दीन ने आगे कहा कि लोकतंत्र में विरोध और अपने विचार रखने का हक सबको है। वक्फ की सपत्तियों की देखरेख और वित्तीय सुदृढ़ता बढ़ती है, तो इसमें कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उधर व्यापक विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दरगाह बाजार और इसके आसपास अतिरिक्त पुलिस जाप्ता तैनात किया गया।
दरगाह बाजार, त्रिपोलिया गेट सहित अन्य इलाकों में वक्फ संशोधन बिल पर काली पट्टी बांधकर कर विरोध प्रदर्शन किया गया। आरिफ हुसैन, उस्मान घड़ियाली, मुतार अहमद नवाब, इतिखार सिद्दीकी, रियाज अहमद मंसूरी शहजाद अंसारी और अन्य ने वक्फ बिल को मुस्लिम समुदाय के खिलाफ बताया। तारागढ़ पर भी प्रदर्शन किया गया। सैयद अकील हुसैन, सैयद सकलेन हैदर, अनवार हुसैन, सैयद रब नवाज और अन्य ने कहा कि सरकार अधिनियम के माध्यम से वक्फ सपतियों को गैर कानूनी तरीके से कब्जाना चाहती है। संपत्तियां पूर्वजों ने मुस्लिम समुदाय के कल्याण के लिए छोड़ी हैं। सरकार इन्हें मुस्लिम समुदाय से छीनकर पूंजीपतियों और भू माफियाओं को देना चाहती है।
वक्फ संशोधन बिल 2024 बुधवार को लोकसभा में पास हो गया। इसके लिए रात 2 बजे हुई वोटिंग में 520 सांसदों ने हिस्सा लिया। पक्ष में 288 ने और विपक्ष में 232 वोट पड़े। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे उम्मीद (यूनीफाइड वक्फ मैनेजमेंट इम्पावरमेंट, एफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट) नाम दिया है। आज यह बिल राज्यसभा में पेश किया गया है, जिस पर जोरदार चर्चा हो रही है।